नववर्ष पर मुक्तसर साहिब में उमड़ा आस्था का सैलाब, गुरुद्वारा दरबार साहिब में लगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
नववर्ष के अवसर पर श्री मुक्तसर साहिब के गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जिले भर से आए भक्तों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब ...और पढ़ें

नववर्ष पर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में भारी संख्या में नतमस्तक हुए श्रद्धालु (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। नववर्ष के आगमन पर जिले भर से श्रद्धालु दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चरण स्पर्श ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुई। श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका और कीर्तन सुना।
इस दौरान गुरुद्वारा साहिब में सभी की प्रगति, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए अरदास भी की गई। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब के रागी जत्थे द्वारा कीर्तन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया गया। वहीं जीवन में अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया। श्रद्धालुओं ने गुरद्वारा साहिब में पवित्र तालाब में स्नान भी किया।
श्री दरबार साहिब के मैनेजर निर्मलजीत सिंह ने आई हुई समस्त संगत को धन्यवाद देकर गुरुओं के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब के अंदर व बाहर आई हुई संगत के लिए लंगर भी लगाया गया।
जानकारी के अनुसार सुबह अलसुबह से ही श्रद्धालु मुक्तसर जिले सहित आसपास के अन्य जिलों से गुरद्वारा साहिब में नतमस्तक होने के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे,जोकि देर शाम तक श्रद्धालु आते रहे और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए श्रद्धालु लाइनों में बड़ी संख्या में लगे रहे।
हालांकि सुबह हल्की बूंदाबांदी के साथ घनी धुंध भी थी। सर्द हवाएं भी चल रही थी। बावजूद श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक गुरुद्वारा साहिब में पहुंच कर माथा टेका और नववर्ष पर सरबत के भले की अरदास की गई। माथा टेकने के लिए लाइनों में लगे श्रद्धालु वाहेगुरु का जाप करते रहे।
वहीं कीर्तनी जत्थे ने सो क्यू बिसरै जिनी सब किछु दीआ, सो क्यू बिसरै जि जीवन जिआ" से संगत को गुरु यश से जोड़ा। कीर्तन समागम की समाप्ति अरदास से हुई। अरदास में बीते साल के लिए गुरु का शुक्राना और नए साल में सभी के सुख शांति की अरदास की गई।

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