मिल ही गया 'परियों के देश' का पता! ऋषिकेश से है सिर्फ 2 घंटे की दूरी; यहां पढ़ें पूरा ट्रैवल गाइड
यह लेख भारत में स्थित परियों का देश नाम के एक विशेष स्थान के बारे में है। गढ़वाल जिले में खैट पर्वत को परियों का निवास माना जाता है जहां शांत वातावरण और नेचुरल ब्यूटी देखने को मिलती है। यहां अखरोट और लहसुन की खेती अपने आप हो जाती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी बचपन से परियों की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं। जैसे उड़ती हुई परियां, जादू की छड़ी, चमकते-मटकते महल और बादलों में बसा एक ड्रीमी सा वर्ल्ड। उस टाइम तो यही लगता था कि ये सब बस हमारी इमेजिनेशन का हिस्सा हैं। असल जिंदगी में ऐसा कुछ नहीं होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी हाेगी कि भारत में एक ऐसी भी जगह है जिसे 'परियों का देश' कहा जाता है।
जी हां, आप सभी पहाड़ों पर जरूर घूमने जाते होंगे, लेकिन अभी परियों का देश नहीं देखा होगा। तो हम आपको बता दें कि उत्तराखंड की हसीन वादियों में परियां रहती हैं, जिसे परियों का देश भी कहा जाता है। एक छोटे से गांव में स्थित इस Hill Station को देखकर सच में लगता है जैसे किसी Fairy Tale की दुनिया में आ गए हों। यहां की वादियां, बादलों से ढके पहाड़ और शांति, सब कुछ इतना मैजिकल हो जाता है कि आपको यकीन ही नहीं होगा कि ये सब कुछ आपके साथ सच में हो रहा है।
ताे अगर आप भी बचपन की उन परी-कहानियों को एक बार असल जिंदगी में महसूस करना चाहते हैं, तो आपको एक बार यहां तो जरूर आना चाहिए। आज का हमारा लेख भी इसी विषय पर है। हम आपको बताएंगे कि भारत में किस जगह पर 'परियों का देश' है। आइए जानते हैं विस्तार से -
उत्तराखंड में मौजूद है ये जगह
आप सभी जब भी हिल स्टेशन घूमने की बात करते होंगे तो सबसे पहले उत्तराखंड का ही ख्याल आता होगा। यहां आपको एक से एक सुंदर जगहें देखने को मिलती हैं। इस राज्य की खासियत ये भी है कि यहीं पर परियों का देश भी है। बताया जाता है कि खैट पर्वत पर परियां रहती हैं। ये पर्वत उत्तराखंड के छोटे से जिले गढ़वाल में मौजूद है। अगर आप यहां जाते हैं तो कम बजट में बढ़िया सुकून पा सकते हैं।
खैट पर्वत पर रहती हैं परियां
आप खुद ही महसूस कर सकते हैं कि जहां परियां रहती हैं, वो जगह कितनी खूबसूरत होगी। खैट पर्वत एकदम ऐसा ही है। यहां आपको चारों तरफ हरियाली देखने को मिलेगी। बताया जाता है कि यहां पर अखरोट और लहसुन की खेती अपने आप हो जाती है। ये जगह कैंपिंग के लिए बेस्ट मानी जाती है। हालांकि, यहां पर म्यूजिक बजाना मना है। क्योंकि कहा जाता है कि परियों को शोर बिल्कुल नहीं पसंद होता है।
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परियों की होती है पूजा
बताया जाता है कि परियां इस गांव की रक्षा करती हैं। आपको बता दें कि यहां पर एक परी मंदिर भी है। जहां परियों की पूजा की जाती है। ये मंदिर आज भी रहस्य से भरी हुई है। तो अगर परियों के देश जाना चाहते हैं तो एक बार इस जगह का दीदार करना तो बनता है। अब आप साेच रहे होंगे कि यहां कैसे पहुंचा जा सकता है? तो हम आपको इसकी जानकारी भी दे रहे हैं।
कैसे पहुंचें?
परियों के देश जाने के लिए आप ऋषिकेश से प्राइवेट गाड़ी लेकर टिहरी गढ़वाल जिले के फेगुलीपट्टी के थात गांव पहुंच जाइए। यहां से आप पैदल चलकर खैट पर्वत पहुंच सकते हैं। ये जगह समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है। यहां आकर आपको एक अलग तरह की शांति का एहसास होगा। आपको बता दें कि पहाड़ों पर परियों को आछरि कहा जाता है।
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