यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चे को सुलाने में याद आती हैं दादी-नानी, तो अपनाएं उन्हें सपनों की दुनिया में भेजने के आसान तरीके
बच्चों की परवरिश हमेशा से ही लोगों के लिए एक चिंता का विषय रहा है। खासकर छोटे बच्चों को संभालना ...और पढ़ें

HighLights
- बच्चों की परवरिश पर माता-पिता के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
- खासकर छोटे बच्चों को संभालना अक्सर मुश्किल होता है।
- ऐसे में बच्चों को सुलाने के लिए इन तरीकों को अपना सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों की परवरिश अक्सर पेरेंट्स के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता है। खासकर जब बात छोटे बच्चों की आती है, तो उन्हें संभालना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। छोटे बच्चों को समझना काफी मुश्किल होता है, खासकर जब उन्हें सुलाने की बात आती है, तो अक्सर पेरेंट्स घुटने टेक देते हैं।
छोटे बच्चों को सुलाना एक कठिन टास्क होता है। खास तौर से अगर आप वर्किंग हैं, लेट नाइट जगना आपकी मजबूरी है या फिर अन्य किसी भी कारण से आप बच्चे को सही समय पर सुलाने में असमर्थ हैं, तो इसका सीधा असर बच्चे की सेहत पर देखने को मिल सकता है। शरीर की सर्केडियन साइकिल को सही तरीके से संचालित करने से कई प्रकार की बीमारियों से बचाव होता है। इसलिए समय पर सोना हेल्दी लाइफ का एक अहम हिस्सा माना जाता है। अगर आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद भी अगर आपका बच्चा समय पर नहीं सोता है, तो फॉलो करें ये आसान से टिप्स-
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बच्चों का जल्दी सुलाने के आसान टिप्स-
- शाम 4 बजे के बाद बच्चों को सोने न दें। इससे वे देर शाम तक उठते हैं और रात में समय पर सोने में आनाकानी करते हैं।
- शाम के समय कम से कम 2 घंटे बच्चे को किसी प्रकार के शारीरिक गतिविधि में शामिल करें। इसे बच्चा सोने के समय तक अच्छे से थक चुका होगा और अपने आप ही उसे नींद आ जाएगी।
- बेडटाइम रूटीन सेट करें। सोने का माहौल बनाएं, जिससे बच्चे को ये महसूस हो जाए कि अब सोने का समय हो चुका है। इस रूटीन को नियमित रूप से रोजाना फॉलो करें, जिससे बच्चे की आदत में ये रूटीन शामिल हो जाए।
- पर्दे गिरा दें, लाइट बंद करें या कोई हल्की डिम लाइट जलाएं। अंधेरे में शरीर स्लीप हार्मोन मेलाटोनिन बनाता है, जिससे शरीर रिलैक्स होता है और गहरी नींद आती है। लाइट जलने से शरीर को जगे रहने का सिग्नल मिलता है, जिससे सर्केडियन साइकिल प्रभावित होती है। इसलिए सोते समय अंधेरा करें, जिससे अच्छी नींद आ सके।
- बच्चे को मात्र सोने के लिए बोल देने से वो नहीं सोएगा। उसके साथ बेड पर लेटें और कोई अच्छी कहानी सुनाएं या फिर बच्चे से अफर्मेशन बुलवाएं। इससे अच्छी नींद आती है। बच्चे कॉपी करते हैं और आपको अपने साथ सोता हुआ देख कर वे जल्दी सो जाते हैं। भले ही बच्चों के सोने के बाद आप उठ कर अपने काम कर लें, लेकिन बच्चों को समय पर सुलाने के लिए उनके साथ सोना जरूरी है।
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