विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रवासी पक्षियों की चहचहाट से खिल उठी कश्मीर घाटी, 6 लाख से अधिक प्रवासी पक्षी पहुंचे, जल्द बनाएं घूमने का प्लान

Published: Tue, 07 Oct 2025 05:27 PM (IST)

कश्मीर घाटी में प्रवासी पक्षियों का आगमन हो रहा है जिससे यहां का दृश्य मनमोहक हो गया है। होकरसर वुलर ...और पढ़ें

वुलर झील में एक पक्षी महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। फाइल फोटो।
वुलर झील में एक पक्षी महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। फाइल फोटो।

HighLights

  1. प्रवासी पक्षियों का कश्मीर घाटी में आगमन।
  2. लाखों पक्षियों से गुलज़ार हुए वेटलैंड्स।
  3. वुलर झील में पक्षी महोत्सव का आयोजन।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। कश्मीर घाटी में प्रवासी पक्षियों का आगमन जोरों पर है। कश्मीर घाटी इन आकर्षित प्रवासी पक्षियों की चहचहाट से खिल उठी है। यह दृश्य वास्तव में मंत्रमुग्ध कर देने वाला है।

अगर आप कश्मीर घाटी आने का मन बना रहे हैं तो जल्द प्रोग्राम तय कर लें। हर साल की तरह इस साल भी कश्मीर के विभिन्न वेटलैंड्स जैसे होकरसर, शातलाम, शालबग, और वुलर झील में छह लाख से अधिक प्रवासी पक्षियों का आगमन हो चुका है जबकि इनके आने का सिलसिला जारी है। अभी तक पहुंचे प्रवासी पक्षियों में मल्लार्ड, ग्रेलेग गीज, पिंटेल्स, शॉवलर्स और कॉर्मोरेंट्स जैसे प्रमुख हैं।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की कश्मीर में साजिश, तहरीके तालिबान के पाकिस्तान कमांडर ने किया खुलासा

प्रवासी पक्षियों की यात्रा

ये पक्षी साइबेरिया, उत्तरी यूरोप और मध्य एशियाई देशों से हजारों किलोमीटर का सफर तय करके कश्मीर पहुंचते हैं। ये पक्षी कश्मीर के खुशनुमा मौसम में सर्वाइव करने के लिए आते हैं और लगभग दो महीने तक यहां रहते हैं। इस दौरान, वे वेटलैंड्स में अपना ठिकाना बनाते हैं और प्राकृतिक भोजन का आनंद लेते हैं।

कश्मीर में वेटलैंड्स की भूमिका

वेटलैंड्स इन पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है, जहां वे अपनी प्राकृतिक गतिविधियों को बेरोकटोक कर सकते हैं। कश्मीर के वेटलैंड्स न केवल पक्षियों के लिए, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक स्थल हैं। यहां आने वाले पर्यटक इन पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को देख सकते हैं और कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।

यह भी पढ़ें- कश्मीर सेब उत्पादकों के लिए अच्छी खबर, बारिश से बढ़ी सेब की गुणवत्ता और रंगत

वेटलैंड्स संरक्षण प्रयास

जम्मू-कश्मीर वन्यजीव संरक्षण विभाग ने प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें अवैध शिकार विरोधी उपाय, सीसीटीवी निगरानी, और पक्षी जागरूकता अभियान शामिल हैं। विभाग ने शिकारियों से सख्ती से निपटने और उन्हें हतोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए हैं।

वुलर झील पक्षी महोत्सव

वुलर झील इस मौसम के अंत में एक विशाल पक्षी महोत्सव का आयोजन करने वाली है, जिसका उद्देश्य पक्षी विविधता का जश्न मनाना और क्षेत्र में पारिस्थितिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह आयोजन न केवल पक्षियों के संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को भी प्रदर्शित करेगा। आपको बता दें कि इन शुरूआती दिनों में ही वुलर झील के आसपास तीन लाख से अधिक प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें- कश्मीर में बर्फबारी के बाद पर्यटन उद्योग में नई उम्मीदें, सीजन के लिए बंपर शुरुआत का रास्ता तैयार

कश्मीर के प्रमुख वेटलैंड्स

  • होकरसर वेटलैंड: श्रीनगर के पास स्थित, यह वेटलैंड प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है।
  • वुलर झील: रामसर साइट के रूप में मान्यता प्राप्त, यह झील प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख स्थल है।
  • डल झील: श्रीनगर में स्थित, यह झील भी प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है।
  • शालबुघ वेटलैंड: यह वेटलैंड प्रवासी पक्षियों के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण स्थल है।

इन वेटलैंड्स में प्रवासी पक्षियों का आगमन न केवल कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता में भी महत्वपूर्ण योगदान करता है।

यह भी पढ़ें- लद्दाख में सेना की नई रणनीति, ड्रोन योद्धाओं के साथ दुश्मन को चुनौती देने की तैयारी