किसान आईडी न बनाई तो केंद्र ही नहीं राज्य सरकार की योजनाओं का भी नहीं मिलेगा लाभ, यहां समझे पूरा प्रोसेस
हिमाचल प्रदेश में किसानों और बागवानों के लिए किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है। भारत सरकार की एग्रीस्टैक पहल के तहत यह आईडी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर् ...और पढ़ें

किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं के लाभ के लिए किसान आईडी बनाना अनिवार्य किया गया है।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सभी किसानों एवं बागवानों के लिए किसान आइडी बनाना अनिवार्य किया गया है। किसानों एवं बागवानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से भारत सरकार की एग्रीस्टैक पहल के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है। घर बैठे भी किसान आइडी बना सकते हैं। इस आईडी के बिना किसानों को किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
प्रदेश के किसानों एवं बागवानों की यूनिक फार्मर आइडी तैयार की जा रही है। किसान आइडी तैयार होने के उपरांत लाभार्थी के रूप में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि, बागवानी, प्राकृतिक खेती, बीज, उर्वरक, सिंचाई, फसल बीमा अनुदान, पीएम किसान सम्मान निधि योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस तरह बना सकते हैं आइडी
आइडी बनाने के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी ओटीपी) की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। किसान स्वयं भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं। आनलाइन पंजीकरण के लिए किसान गूगल पर फार्मर रजिस्ट्री हिमाचल प्रदेश सर्च कर सकते हैं अथवा सीधे वेबसाइट https://hpfr.agristack.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर एनआइसी डैशबोर्ड के माध्यम से फार्मर विकल्प पर क्लिक कर पहले अपना यूजर अकाउंट बनाना होगा।
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इसके बाद किसान अपनी भूमि एवं कृषि से संबंधित विवरण भरकर आवेदन जमा कर सकते हैं। सभी जानकारियों के सफल सत्यापन के बाद आइडी जारी कर दी जाएगी। आनलाइन प्रक्रिया में असुविधा होने पर निकटतम लोकमित्र केंद्र में जाकर निश्शुल्क फार्मर आइडी बनवा सकते हैं।

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