पानीपत/यमुनानगर, जेएनएन। लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संवाद कर रहे हैं। उनसे फोन पर कोरोना वायरस से बचाव को लेकर उठाए गए कदमों पर भी चर्चा कर रहे हैं। साथ ही उनसे देश के हालातों पर भी फीडबैक लिया जा रहा है। यमुनानगर में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कमला वर्मा के पास भी पीएम मोदी ने फोन किया। कमला वर्मा ने बताया कि मेरी आवाज सुनकर पीएम ने कहा, बहन की आवाज आज भी कड़क है। तो मैने कहा, प्रधानमंत्री की बहन हूं कड़क क्‍यों न होगी।  

कमला वर्मा ने बताया कि जिस समय उन्हें पता लगा कि प्रधानमंत्री का फोन आया है तो वह आश्चर्यचकित रह गईं। उनसे पार्टी के पुराने लोगों के बारे में भी बात की। करीब पांच मिनट तक उनसे बात हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी वह हरियाणा में आएंगे, आपके पास जरूर मिलने आएंगे। पूर्व मंत्री कमला वर्मा का कहना है कि प्रधानमंत्री जी से संवाद के बाद मैं अत्यधिक उत्साहित हूं। 

इस तरह से हुआ संवाद :

पीएम मोदी : हेलो प्रणाम। आपका स्वास्थ्य कैसा है। 

कमला वर्मा : प्रणाम जी, ठीक है, आपका स्वास्थ्य कैसा है। 

पीएम : मुझे याद है। आपने गुजरात चुनाव प्रचार में पार्टी को दिशा निर्देश देकर गति दी थी और हरियाणा में रहते हुए भी आपके साथ पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकाल भी स्मरण में है। 

कमला वर्मा : आप द्वारा किए गए त्याग और परिश्रम के कारण ही आज पार्टी इस मुकाम पर पहुंची है। इस समय कोरोना चल रहा है। आपने भी मौजूदा हालातों में सराहनीय कार्य किया है। आप मेहनत कर रहे हैं जो सारा विश्व देख रहा है। 

पीएम : आप विश्वास रखें। कोरोना से जंग में भारत की विजय होगी। इसके लिए पूरा भारत एक होकर लड़ाई लड़ रहा है। आपके यहां क्या हालात हैं। 

कमला : हमारे यहां आपके दिशा निर्देशों एवं सीएम मनोहर लाल उठाए जा रहे कदमों से स्थिति काबू में है। लॉकडाउन में भी लोग सहयोग कर रहे हैं। विश्व पटल पर कोरोना को लेकर उठाए गए कदमों पर आपकी हर तरफ सराहना हो रही है। इस पर हमें गर्व है। 

पीएम : अच्छा बहनजी प्रणाम, जब भी हरियाणा में आऊंगा, आपसे जरूर मिलूंगा। 

प्रदेश की पहली महिला प्रदेशाध्यक्ष रहीं कमला वर्मा  

90 वर्षीय कमला वर्मा हरियाणा भाजपा की पहली महिला अध्यक्ष और पूर्व में कैबिनेट मंत्री रह चुकी है। वे आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षक बनीं। 27 जून 1975 को जब उसको सेंट्रल जेल अंबाला में डाला गया तो वहां महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था भी नहीं थी। 8 जनवरी 1977 तक जेल में रही। गिरफ्तारी के दौरान उनकी उम्र 46 वर्ष थी और 19 माह जेल में रही। वर्ष-1977, 1987 व 1995 में हुए चुनाव में जीत दर्ज कर कैबिनेट मंत्री बनी। 

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Edited By: Anurag Shukla