जम्मू, राज्य ब्यूरो। लद्दाख संसदीय क्षेत्र के प्रचार अभियान में भाजपा व कांग्रेस के बीच घमासान जारी है। दोनों राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियां लद्दाख को यूनियन टेरेटरी (यूटी) बनाने की मांग को लेकर प्रचार कर रही हैं।इस संसदीय सीट के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर अन्य सभी उम्मीदवार निर्दलीय हैं। निर्दलीय उम्मीदवार यहां क्षेत्रीय मुद्दे उजागर लेह व कारगिल में लोगों से वोट मांग रहे हैं।

भाजपा के अधूरे वादों को उजागर कर वोट मांग रही कांग्रेस

भाजपा के उम्मीदवार जामियांग सीरिंग नाम्गयाल यहां लद्दाख के विकास व मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर मैदान में हैं तो कांग्रेस लद्दाख के लोगों से भाजपा के अधूरे वादों को उजागर कर लोगों से सहयोग मांग रहे हैं। इन अधूरे वादों में से लद्दाख को यूनियन टेरेटरी बनाना भी एक है। कांग्रेस के उम्मीदवार रिगजिन के पास लद्दाख में प्रचार करने के बड़े मुद्दे हैं। भाजपा के सांसद थुप्स्तन छिवांग ने अपनी ही पार्टी पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था। इस समय कांग्रेस इस इस्तीफे को लेकर भाजपा के खिलाफ मैदान में है। यह मुद्दा भी उठाया जता रहा है कि भाजपा ने यूटी के मुद्दे पर चुनाव लड़कर सीट जीती और बाद में वादे को भुला दिया।

वहीं भाजपा के जामियांग, लद्दाख को डिवीजन बनाने के मुद्दे को भी जोरशोर से उठा रहे हैं। वह भी लोगों को विश्वास दिला रहे हैं कि इस बार भाजपा लद्दाख को यूनियन टेरेटरी बनाने की मांग को पूरा कर देगी। जामियांग के समर्थन में लद्दाख के प्रभारी विक्रम रंधावा प्रचार कर रहे हैं।

लेह पहुंचे चुनाव पर्यवेक्षक

लद्दाख संसदीय क्षेत्र में चुनाव को कामयाब बनाने की जिम्मेदारी संभालने वाले भारतीय चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक लेह पहुंच गए हैं। वे बैठकों के लिए उपलब्ध हैं। लेह पहुंचे पर्यवेक्षकों में सामान्य पर्यवेक्षक अल्केश कुमार शर्मा, पुलिस पर्यवेक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी व चुनाव खर्च पर्यवेक्षक मिलन रूचल शामिल हैं। वे शनिवार से लेह एयरपोर्ट के पास नुनकुन में वीक्षईपी 1 गेस्ट हाउस में सुबह दस से ग्यारह बजे तक एक घंटे के लिए राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसी बीच पर्यवेक्षक अल्केश कुमार शर्मा ने चुनाव लड़ रही राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से बैठक की। इस दौरान प्रतिनिधियों को आचार संहिता के पालन के बारे में जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि उन्हें चुनावी रैली करने के लिए सुविधा वेब पोर्टल पर 48 घंटे पहले अनुमति लेनी होगी। प्रचार के दौरान दीवारों,खंभों पर पोस्टर होर्डिग्स नहीं लगाए जा सकते हैं। लद्दाख की रिटर्निग अधिकारी अवनी लवासा के साथ लेह व कारगिल के सहायक रिटर्रिग अधिकारी भी मौजूद थे।

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Posted By: Rahul Sharma