लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा दखल रखने वाले बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी भले ही कवियत्री मधुमिता की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, लेकिन उनका जलवा कायम है। पत्नी की हत्या के मामले में सीबीआइ की जद में आया बेटा अमनमणि इस समय महराजगंज के नौतनवां से निर्दलीय विधायक है तो अब बेटी तनुश्री को महराजगंज से लोकसभा प्रत्याशी के रूप में दो पार्टी से टिकट मिला है। भले ही लंबे समय से राजनीति में सक्रिय लोग एक पार्टी से भी टिकट पाने को वंचित रहे जाते है, लेकिन महराजगंज में मामला बिल्कुल जुदा है।

विधानसभा या फिर लोकसभा चुनाव में ऐसे प्रकरण भी सामने आते हैं कि एक ही परिवार के कई लोग एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल देते हैं,लेकिन अमरमणि त्रिपाठी के परिवार के मामले में मामला बिल्कुल जुदा है। महराजगंज के नौतनवां से अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि निर्दलीय विधायक हैं। अब उनके बेटी के मामले में तो कमाल का मामला सामने आया है। अमरमणि त्रिपाठी की बेटी तनुश्री त्रिपाठी को कांग्रेस ने कल महराजगंज से अपनी पार्टी का लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया है। इनको शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने 19 मार्च को ही अपना प्रत्याशी घोषित किया था। तनुश्री ने अभी कांग्रेस की सदस्यता नहीं ली है और न ही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को छोड़ा है।

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कांग्रेस की तरफ से कल जारी की गई उम्मीदवारों की 13वीं सूची में तनुश्री को महाराजगंज से उम्मीदवार घोषित किया गया। अब कहा जा रहा है कि तनुश्री महाराजगंज से कांग्रेस के ही टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। त्रिपाठी परिवार के प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमरमणि के बेटे अमनमणि ने उत्तर प्रदेश की नौतनवां विधानसभा सीट से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। इसी कारण पार्टियों को तनुश्री में भी एक जिताऊ कैंडिडेट नजर आ रहा है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि दो-दो पार्टियों की उम्मीदवार तनुश्री आखिरकार किस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ती हैं, कांग्रेस या प्रगतिशील समाजवादी पार्टी।

तनुश्री त्रिपाठी के भाई अमनमणि त्रिपाठी ने कहा कि वह कांग्रेस के टिकट पर ही चुनाव लड़ेंगी। उनके मुताबिक उन्होंने दोनों ही पार्टियों से टिकट की मांग नहीं की थी, अब जब कांग्रेस की सूची में भी नाम है तो वह (तनुश्री त्रिपाठी) कांग्रेस के टिकट पर ही मैदान में उतरेंगी। तनुश्री त्रिपाठी ने अभी आधिकारिक तौर पर अभी कांग्रेस ज्वाइन नहीं किया है और न ही शिवपाल यादव की पार्टी को छोड़ा है, लेकिन साफ है कि कांग्रेस भी इस चुनाव में मजबूत और जिताऊ उम्मीदवार येन केन प्रकारेण अपने पाले में करना चाहती है और यही वजह है कि तनुश्री को टिकट दिया गया। तनुश्री त्रिपाठी के सामने भाजपा से सांसद पंकज चौधरी मैदान में हैं।

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तनुश्री को राजनीति विरासत में मिली है। 11 जनवरी 1990 को गोरखपुर में जन्मी तनुश्री के पिता अमरमणि त्रिपाठी यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। नैनीताल के सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल से स्कूली पढ़ाई करने वालीं तनुश्री कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के फुलटाइम राजनीति में आने से खुश हैं। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की ओर से टिकट मिलने के बाद तनुश्री ने कहा था कि प्रियंका का आना एक महिला के तौर पर अच्छी बात है। उनके लिए सम्मान है। दिल्ली यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से पढ़ाई कर चुकीं तनुश्री पिता अमरमणि त्रिपाठी को अपना आदर्श मानती हैं। तनुश्री अपने भाई के साथ पिता के ही विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। 

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Posted By: Dharmendra Pandey

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