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एयर प्यूरीफायर को चिकित्सा उपकरण की श्रेणी में रखने की मांग, जनहित याचिका पर दिल्ली HC में सुनवाई आज 

Published: Wed, 24 Dec 2025 06:09 AM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें एयर प्यूरीफायर को चिकित्सा उपकरण मानते हुए जीएसटी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एयर प्यूरीफायर को चिकित्सा उपकरण मानने की मांग

  2. जीएसटी 18% से घटाकर 5% करने की याचिका

  3. दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एयर प्यूरीफायर को चिकित्सा उपकरण नियम 2017 के तहत ''चिकित्सा उपकरण'' की श्रेणी में रखने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की ही है। अधिवक्ता कपिल मदान ने याचिका में मांग की है कि इन पर लगने वाला वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 18 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत की जाए।

वर्तमान में एयर प्यूरीफायर पर 18 प्रतिशत कर लगता है। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ बुधवार को सुनवाई करेगी। याचिका में कहा गया है कि गंभीर वायु प्रदूषण से उत्पन्न अत्यंत गंभीर आपातकालीन स्थिति को देखते हुए एयर प्यूरीफायर को विलासिता की वस्तु नहीं माना जा सकता।

यह भी कहा कि हवा शुद्ध करने वाले यंत्रों पर उच्चतम स्तर की जीएसटी लगाना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए चुनौती है और यह एक मनमाना, अनुचित और संवैधानिक रूप से अस्वीकार्य बोझ डालता है। यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी 2020 की अधिसूचना के तहत हवा शुद्ध करने वाला यंत्र ''चिकित्सा उपकरण'' के मानदंडों को पूरा करता है।

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