दिल्ली में पांच वर्षों में सबसे साफ रही इस साल की हवा, लेकिन अभी भी स्वास्थ्य के हानिकारक
राजधानी दिल्ली में 2025 में पिछले पांच वर्षों की तुलना में हवा सबसे साफ दर्ज की गई, हालांकि यह अभी भी राष्ट्रीय और डब्ल्यूएचओ मानकों से काफी अधिक प्रद ...और पढ़ें

राष्ट्रपति भवन के पास छाया घना कोहरा और स्मॉग। फोटो- हरीश कुमार
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में इस दिसंबर में पिछले सात वर्षों का सबसे खराब वायु गुणवत्ता स्तर दर्ज किया गया है। परंतु वार्षिक आधार पर तुलना करने पर वर्ष 2020 के बाद इस वर्ष दिल्ली की हवा सबसे साफ रही है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार की हवा कुछ साफ अवश्य रही, किंतु यह अभी भी राष्ट्रीय तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से बहुत अधिक प्रदूषित है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
वर्ष 2025 में दिल्ली का औसत पीएम2.5 स्तर 96 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। यह राष्ट्रीय मानक (40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से 2.4 गुना तथा डब्ल्यूएचओके मानक (5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से लगभग 19.2 गुना अधिक है।
इसी प्रकार पीएम10 का वार्षिक औसत 197 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय मानक (60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) तथा डब्ल्यूएचओ के मानक (15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) की तुलना में क्रमशः लगभग 3.28 गुना तथा 13.13 गुना अधिक है।
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राजधानी में प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क लगाए कर्तव्य पथ से गुजरते विदेशी पर्यटक। हरीश कुमार
दीपावली के जल्दी आने के कारण भी कुछ साफ रही हवा
इस वर्ष मई से अक्टूबर के बीच अधिक वर्षा होने तथा दीपावली के जल्दी आने के कारण भी वर्ष 2025 की हवा पिछले वर्षों की तुलना में कुछ साफ रही है। वहीं वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) का दावा है कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कारण इस वर्ष की हवा पिछले वर्षों की तुलना में साफ रही है।
आयोग के अनुसार, वर्ष 2021 में उसके गठन के बाद से वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई नीतिगत निर्णय लिए गए तथा जमीनी स्तर पर कार्रवाई की गई है। इन प्रयासों का प्रभाव वर्ष 2025 में देखने को मिला है।
2025 में गंभीर से अत्यंत गंभीर श्रेणी वाले दिनों की संख्या दूसरी सबसे कम
सीएक्यूएम के अनुसार, वर्ष 2025 में दिल्ली में कुल 79 दिन ऐसे रहे जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 या उससे नीचे रहा, अर्थात अच्छी तथा संतोषजनक श्रेणी में रहा। वहीं कोरोना महामारी वाले वर्ष 2020 को छोड़ दें तो वर्ष 2018 के बाद से 2025 में गंभीर से अत्यंत गंभीर श्रेणी वाले दिनों की संख्या दूसरी सबसे कम रही।
पूरे वर्ष में ऐसे केवल आठ दिन दर्ज किए गए। आयोग ने बताया कि वर्ष 2025 में पीएम10 तथा पीएम2.5 के औसत स्तर भी अब तक के सबसे निचले स्तर पर रहे। ‘अच्छी’ से ‘संतोषजनक’ वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या भी वर्ष 2020 के बाद सबसे अधिक रही।
मासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी तथा जुलाई 2025 में औसत एक्यूआई वर्ष 2018 के बाद से सबसे कम दर्ज किया गया। यह वर्ष 2020 से भी बेहतर रहा। वहीं जनवरी, मई तथा जून 2025 में भी औसत एक्यूआई पिछले सात वर्षों की तुलना में दूसरा सबसे कम रहा।
हालांकि दिसंबर 2025 में अत्यंत कम हवा की गति तथा प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण औसत एक्यूआई 351 तक पहुंच गया, जो असामान्य रूप से अधिक था। सीएक्यूएम का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियों के निरंतर एवं समन्वित प्रयासों से दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार संभव हुआ है तथा आगे भी इस दिशा में कार्य जारी रहेगा
दिल्ली की हवा में पीएम 10 और पीए 2.5 की स्थिति
| वर्ष | पीएम10 (माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) | पीएम 2.5 (माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) |
|---|---|---|
| 2018 | 241 | 113 |
| 2019 | 217 | 107 |
| 2020 | 180 | 94 |
| 2021 | 211 | 105 |
| 2022 | 211 | 98 |
| 2023 | 205 | 100 |
| 2024 | 212 | 104 |
| 2025 | 197 | 96 |
दिल्ली में अच्छी से संतोषजनक श्रेणी (0-100 एक्यूआई) की हवा वाले दिन
| वर्ष | 0-100 एक्यूआई वाले दिन |
|---|---|
| 2018 | 53 |
| 2019 | 61 |
| 2020 | 100 |
| 2021 | 73 |
| 2022 | 68 |
| 2023 | 61 |
| 2024 | 66 |
| 2025 | 79 |
दिल्ली का औसत वार्षिक एक्यूआई
| वर्ष | औसत एक्यूआई |
|---|---|
| 2018 | 225 |
| 2019 | 215 |
| 2020 | 185 |
| 2021 | 209 |
| 2022 | 209 |
| 2023 | 204 |
| 2024 | 209 |
| 2025 | 201 |
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