बिहार की महिलाओं पर बयान देकर घिरे उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री के पति, RJD बोली- BJP-JDU के मुंह पर ताला
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के बिहार की महिलाओं पर आपत्तिजनक बयान से देश में बवाल मच गया है। वायरल वीडियो के बाद बिह ...और पढ़ें

गिरधारी लाल साहू और मंत्री रेखा गुप्ता। (फोटो सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए एक आपत्तिजनक बयान ने देश की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में उन्होंने बिहार की महिलाओं को लेकर कही गई बातों को लेकर बिहार के विपक्षी दलों में आक्रोश है। विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला बताया है और भाजपा-जदयू को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है। इसमें उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू एक सभा को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में गिरधारी लाल साहू यह कहते सुने जा रहे हैं कि 'बिहार में 20–25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं, कुंवारों के लिए बिहार से लड़कियां लेकर आएंगे।'
कथित तौर पर यह बयान 23 दिसंबर को अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्याहीदेवी मंडल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
यह वीडियो जैसे ही सामने आया, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस बयान को महिलाओं के प्रति घृणित सोच का उदाहरण बताया और साहू की तीखी आलोचना की।
इस विवाद ने सियासी गलियारों में भी भूचाल ला दिया है। बिहार की महिलाओं को लेकर की गई इस टिप्पणी पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भाजपा और उसके सहयोगियों पर सीधा हमला बोला है।
राजद ने भाजपा और जदयू को कठघरे में खड़ा किया
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा, जदयू और संघ से जुड़े लोगों को कठघरे में खड़ा किया है।
राजद ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा है कि बिहार की महिलाओं के प्रति सत्तारूढ़ दल के नेताओं की यही असली सोच है। पार्टी ने मांग की कि इस बयान पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
आरजेडी ने अपने बयान में यह भी कहा कि 'लड़की बिहार से ले आएंगे, बिहार में 20–25 हजार में मिल जाती है, यह सोच बेहद शर्मनाक और महिला विरोधी है।
राजद प्रवक्ता ने साधा निशाना
राजद की ओर से पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि उत्तराखंड सरकार में मंत्री के पति का यह बयान सिर्फ एक व्यक्ति की मानसिकता नहीं, बल्कि भाजपा की बिहार और यहां की महिलाओं के प्रति नजरिया उजागर करता है।
आरजेडी की ओर से उन्होंने इस मुद्दे पर बिहार भाजपा, जदयू और एनडीए के अन्य नेताओं की चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह खामोशी अपने आप में बहुत कुछ कहती है।
राजद ने कहा है कि सोशल मीडिया पर भी यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि अगर कोई आम व्यक्ति इस तरह का बयान देता, तो उस पर अब तक कार्रवाई हो चुकी होती।
लेकिन यहां मामला सत्ताधारी दल से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति का है, इसलिए अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे नारों की बात करने वाली भाजपा इस मामले में चुप क्यों है?
गहरे जख्म देने वाली टिप्पणी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार जैसे राज्य, जहां महिलाओं की सामाजिक भूमिका और सम्मान को लेकर लंबे समय से संघर्ष और जागरूकता रही है, वहां इस तरह की टिप्पणी गहरे जख्म देने वाली मानी जा रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले में न तो गिरधारी लाल साहू की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक माफी मांगने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। न ही उत्तराखंड सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
राजद प्रवक्ता ने सवाल करते हुए कहा कि ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सत्ता से जुड़े लोगों के लिए अलग मापदंड हैं? बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए इस बयान ने न सिर्फ एक व्यक्ति को, बल्कि पूरी सियासी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

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