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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पासपोर्ट मामले में बालकृष्ण को दो सप्ताह में देना होगा जवाब

By BhanuEdited By:
Published: Sat, 19 Nov 2016 03:40 PM (IST)Updated: Sun, 20 Nov 2016 06:13 AM (IST)

हाई कोर्ट ने आचार्य बालकृष्ण के पासपोर्ट मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआइ के काउंटर पर प्रति शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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नैनीताल, [जेएनएन]: हाई कोर्ट ने योगगुरु बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के पासपोर्ट मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआइ के काउंटर पर प्रति शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। आचार्य को दो सप्ताह के भीतर यह प्रतिशपथ पत्र दाखिल करना होगा।
आचार्य बालकृष्ण ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनका पासपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय में जमा है। आयुर्वेदिक दवाओं के प्रचार-प्रसार तथा योग कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए उन्हें विदेश जाना पड़ता है। इसलिए पासपोर्ट रिलीज कर दिया जाए। पासपोर्ट न होने के कारण उनके योग कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं।

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वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने पीठ के समक्ष सीबीआइ के काउंटर के जवाब में प्रति शपथपत्र दाखिल करने को दो सप्ताह का समय मांगा। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

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बता दें कि फर्जी डिग्री मामले की सीबीआइ जांच कर रही है। यूपीए सरकार के कार्यकाल में आचार्य बालकृष्ण पर यह मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आचार्य बालकृष्ण का पासपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा किया गया है।
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