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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति मामले में हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

By BhanuEdited By:
Published: Sat, 25 Jun 2016 11:30 AM (IST)Updated: Sat, 25 Jun 2016 11:33 AM (IST)

हाई कोर्ट ने राज्य में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति मामले में सरकार से दस दिन में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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नैनीताल, [जेएनएन]: हाई कोर्ट ने राज्य में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति मामले में सरकार से दस दिन में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि शिक्षकों के रिक्त पदों को अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर भरने संबंधी शासनादेश क्यों न रद किया जाए।
अभ्यर्थी संगीता सांगा ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि वह शिक्षक पद के लिए योग्य अभ्यर्थी है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने शिक्षकों के रिक्त पदों को अतिथि शिक्षकों से भरने संबंधी शासनादेश जारी किया है। इससे वह पात्र होने के बावजूद नियुक्ति से वंचित है।

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याचिका में इस शासनादेश को रद करने की मांग की गई है। इधर कोर्ट में सुनवाई के दौरान अतिथि शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र दाखिल कर मामले में उनका पक्ष सुनने का आग्रह किया गया है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार को दस दिन में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पिछले शैक्षणिक सत्र में एलटी व प्रवक्ता पदों पर हजारों अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्हें हटा दिया गया। उन्हें दोबारा नियुक्ति देने की घोषणा मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री कर चुके हैं, लेकिन कोर्ट में मामला आने के बाद सरकार इस मसले पर फंस गई है।पढ़ें:- उत्तराखंड: स्टिंग मामले में सीबीआई ने हाई कोर्ट में दाखिल किया जवाब