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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड के जंगलों की सुरक्षा को नहीं हैं पर्याप्त हथियार

By BhanuEdited By:
Published: Wed, 15 Nov 2017 10:50 AM (IST)Updated: Wed, 15 Nov 2017 08:29 PM (IST)

उत्तराखंड के 71.05 फीसद वन भूभाग में फैले जंगल की सुरक्षा के लिए वन विभाग के पास पर्याप्त हथियार नहीं ...और पढ़ें

उत्तराखंड के जंगलों की सुरक्षा को नहीं हैं पर्याप्त हथियार
उत्तराखंड के जंगलों की सुरक्षा को नहीं हैं पर्याप्त हथियार

देहरादून, [केदार दत्त]: प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 71.05 फीसद वन भूभाग में पसरे छह नेशनल पार्क, सात अभयारण्य, चार कंजर्वेशन रिजर्व व 44 वन प्रभाग और इनकी सुरक्षा के लिए रखवालों के पास महज 1248 हथियार, वह भी दशकों पुराने। इनमें भी बड़ी संख्या में हथियार खराब पड़े हैं। यह है उत्तराखंड में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन महकमे के पास उपलब्ध आग्नेयास्त्रों का लेखा-जोखा। हालांकि, बदली परिस्थितियों में हथियारों के लिहाज से आधुनिकीकरण का प्रस्ताव है, मगर यह शासन में फाइलों में इधर से उधर घूम रहा है।

वन एवं वन्यजीव तस्करों से मुकाबला करने के मद्देनजर वन विभाग में हथियारों के आधुनिकीकरण का मसला पिछले तीन साल से उठ रहा है, लेकिन अभी तक इसे मुकाम नहीं मिल पाया है। नतीजतन, वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में मुस्तैद जंगल के रखवालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

पूर्व में इसे देखते हुए नए हथियार खरीदने के लिए दो करोड़ की राशि भी मंजूर हुई। तब विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा, लेकिन बात आई और गई हो गई। अब फिर से यह मसला उठा है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत भी मानते हैं कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए कार्मिकों के पास आधुनिक हथियार होने आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में प्रस्ताव गृह विभाग को गया है। राज्य से सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हथियार खरीद को केंद्र से हरी झंडी मिलनी है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने के साथ ही केंद्र में भी दस्तक दी जाएगी।

यह है तस्वीर

555 है 12 बोर की बंदूकों की संख्या

554 रायफलें हैं विभाग के पास उपलब्ध

41 हैं रिवाल्वरों की तादाद

69 है पंप एक्शन व ट्रैंकुलाइजर गन

29 है अन्य हथियारों की संख्या

विभाग का ढांचा

13 वृत्त

44 वन प्रभाग

290 रेंज

1570 बीट

संरक्षित क्षेत्र

नेशनल पार्क: कार्बेट, राजाजी, नंदादेवी, फूलों की घाटी, गंगोत्री व गोविंद

अभयारण्य: मसूरी, केदारनाथ, गोविंद, अस्कोट, सोनानदी, बिनसर व नंधौर

कंजर्वेशन रिजर्व: आसन, झिलमिल झील, पवलगढ़ व नैना देवी

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