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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोस्ट वांटेड हाफिज सईद की रिहाई पर लखीमपुर खीरी में जश्न-आतिशबाजी

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sat, 25 Nov 2017 11:10 AM (IST)Updated: Sat, 25 Nov 2017 04:12 PM (IST)

पाकिस्तानी मूल के आतंकी हाफिज सईद की वहां के सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद लखीमपुर में कुछ लोगों के ...और पढ़ें

मोस्ट वांटेड हाफिज सईद की रिहाई पर लखीमपुर खीरी में जश्न-आतिशबाजी
मोस्ट वांटेड हाफिज सईद की रिहाई पर लखीमपुर खीरी में जश्न-आतिशबाजी

लखीमपुर खीरी (जेएनएन)। मोस्ट वांटेड हाफिज सईद की रिहाई पर लखीमपुर खीरी में परसों जश्न मनाया गया। यहां पर हाफिज सईद की रिहाई पर जश्न मनाने के साथ ही शहर में कई जगह के साथ आरएसएस के कार्यकर्ता के घर के सामने हरे रंग के झंडे भी लगवाए गए। मामला तूल पकडऩे पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर झंडे उतरवाए थे।

पाकिस्तानी मूल के आतंकी हाफिज सईद की वहां के सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद लखीमपुर शहर के मुहल्ला बेगमबाग व लक्ष्मीनगर में कुछ लोगों के जश्न मनाने व अपने घरों के बाहर हरा झंडा लगाने की खबर सुनकर प्रशासन में खलबली मच गई। एक आरएसएस कार्यकर्ता के घर के सामने हरे झंडे लगाए जाने के बाद विवाद और भी बढ़ गया।

झंडा उतरवाने के लिए कुछ लोग आगे बढ़े लेकिन झंडा लगाने वाला पक्ष सामने आ गया। दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई। विवाद बढऩे पर पूरे मामले की सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर झंडे उतरवाए। आरोप यह भी है कि रात में आतंकी हाफिज सईद के समर्थन में एक धार्मिक स्थल के पास आतिशबाजी की गई और जमकर नारेबाजी भी हुई। 

इस मामले गंभीरता को देखते हुए डीएम आकाशदीप ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। परसों यह विवाद दोपहर बाद उस समय बढ़ा जब बेगमबाग और लक्ष्मीनगर मुहल्ले के कुछ हिस्से में हरे झंडे लगाए जाने लगे। इसके बाद शाम को आरएसएस कार्यकर्ता के घर के सामने लगे झंडों को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

आरएसएस कार्यकर्ता ने मुहल्ले के लोगों के साथ मिलकर इस पर एतराज जताया और झंडा लगने के कारणों के बारे में लोगों से पूछताछ की। पता चला कि हरे झंडे पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद की वहां के सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद खुशी में झंडे लगाए गए हैं। इस पर हंगामा शुरू हो गया।

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आरएसएस कार्यकर्ता ने पूरे मामले की सूचना भाजपा के कुछ नेताओं को दी। जिसके बाद सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लगाए गए झंडों को उतरवा दिया। शहर कोतवाल अशोक कुमार पांडे ने बताया कि झंडे लगाए जाने की शिकायत उनको मिली थी जिस पर वह मौके पर भी गए थे। झंडे उतरवा कर लोगों को दोबारा ऐसा न करने की हिदायत दी गई है। 

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मामले की जांच जारी

जिलाधिकारी आकाशदीप ने कहा कि इस तरह की सूचना मिली थी कि शहर के एक इलाके में कुछ लोगों ने हाफिज सईद की रिहाई पर हरे झंडे लगाए हैं।

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तत्काल पुलिस को पूरे मामले की जांच के लिए भेजा गया। पुलिस की रिपोर्ट आते ही इसमें जो भी दोषी होगा उस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।