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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकी सैफुल्लाह के पिता ने कहा-देशद्रोही था बेटा, शव लेने से किया इंकार

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Wed, 08 Mar 2017 03:36 PM (IST)Updated: Wed, 08 Mar 2017 05:37 PM (IST)

आतंकी सैफुल्लाह के पिता सरताज ने कहा कि देशद्रोही बेटे का शव हम नही लेंगे। सरताज ने कहा कि जो ...और पढ़ें

आतंकी सैफुल्लाह के पिता ने कहा-देशद्रोही था बेटा, शव लेने से किया इंकार
आतंकी सैफुल्लाह के पिता ने कहा-देशद्रोही था बेटा, शव लेने से किया इंकार

कानपुर (जेएनएन)। लखनऊ में आज तड़के एटीएस के साथ एक एनकांउटर में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के पिता सरताज ने शव लेने से मना कर दिया है। पिता सरताज ने अपने बेटे को बताया देशद्रोही। 
आतंकी सैफुल्लाह के पिता सरताज ने कहा कि देशद्रोही बेटे का शव हम नही लेंगे। सरताज ने कहा कि जो देश हित के खिलाफ काम करता है वो मेरा ही बेटा नहीं है।
कानपुर में अपने घर में सरताज ने बताया सैफुल्लाह तो करीब दो महीने से घर पर भी नहीं आया था। पिता ने बताया सैफुल्लाह ने जाजमऊ के जेपीआरएन कॉलेज से बीकॉम किया था। सरताज ने उनका शव लेने से मना कर दिया है। लखनऊ में मारे गए सैफुल्लाह के पिता सरताज ने बेटे का शव लेने से मना किया और कहा मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। देशद्रोही के साथ सही हुआ। 
कानपुर के मनोहर नगर जाजमऊ इलाके में 1995 में सैफुल्लाह का जन्म हुआ था। सैफुल्लाह बचपन से ही पढ़ने में तेज था। उसके पिता सरताज छोटा बिजनेस करते हैं। सैफुल्लाह के दो भाई खालिद और मुजाहिद हैं एक बहन बहन भी है। चार भाई बहनों में सैफुल्ला तीसरे नंबर का था। सैफुल्लाह के पिता सरताज के छह भाई हैं। जिनमें नूर अहमद, ममनून, सरताज, और मंसूर मनोहर नगर वाले घर में रहते हैं और दो बाकी दो भाई नसीम और इकबाल तिवारीपुर वाले मकान में रहते हैं।
सैफुल्लाह का अगला प्लान सभी धर्मस्थलों को निशाना बनाना था। वह लखनऊ का बड़ा इमामबाडा और देवाशरीफ पर भी धमाका करने की साजिश रच रहा था। लखनऊ के ठाकुरगंज में मारा गया ISIS आतंकी समूह का सदस्य सैफुल्लाह के परिवार के लोगों ने उससे किनारा कर लिया है। सैफउल्लाह के भाई और पिता सरताज खान ने मीडिया को बयान दिया कि जो देश का नहीं हो सकता वो मेरा बेटा क्या होगा।
यही नहीं दोनों ने सैफुल्लाह का शव लेने और उसका अंतिम संस्कार करने से भी साफ मना कर दिया है। कानपुर के जाजमऊ इलाके में रहने वाले सैफुल्लाह के भाई इमरान ने कहा हम सब हैरान हैं कि पांचों वख्त की नमाज पढऩे वाला मुसलमान ऐसा कर सकता है। मुझे उसकी मौत का कोई गम नहीं है। सैफउल्लाह तीन भाईयों में सबसे छोटा था। पिता ने बताया कि उसे पढ़ाई के लिए डांटा गया था, जिसके बाद वह घर छोड़कर भाग गया था। वह दो महीने पहले सऊदी अरब के लिए मुंबई , वीजा लेने की बात कह कर गया था। मगर मुम्बई जाने के बाद से उसका संपर्क घर वालो से नहीं हुआ था।
बम बनाने की तरकीब और आइएस का साहित्य मिला
कानपुर में पकड़े गये आरोपियों के कब्जे से मिले लैपटाप में एटीएस टीम को आइएस के भड़काऊ साहित्य के अलावा बम बनाने की तरकीब का वीडियो फुटेज मिला है। इस ग्रुप के कई सदस्यों के फोटोग्राफ भी मिले हैं।