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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छेड़छाड़ से आजिज बहनों ने मंत्री के कदमों में गिरकर लगाई पिता की रिहाई की मांग

By Ashish MishraEdited By:
Published: Wed, 07 Sep 2016 09:25 AM (IST)Updated: Wed, 07 Sep 2016 10:07 AM (IST)

केंद्रीय कारागार पहुंचीं बहनों ने जेल राज्यमंत्री को सामने देखा तो उनके कदमों में गिर गईं। पिता को बेकसूर बताते हुए रिहाई की मांग की।

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आगरा (जेएनएन)। पत्नी की हत्या के आरोप में पति के जेल जाने के बाद चार बेटियों की जिंदगी दुश्वार हो गई। आर्थिक तंगी के चलते उनकी पढ़ाई छूट गई। घर से बाहर कदम रखने पर लोगों की बुरी नजरों ने पीछा करना शुरू कर दिया। शोहदों छेड़छाड़ करने लगे हैं।

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मंगलवार को पिता से मुलाकात करने केंद्रीय कारागार पहुंचीं बहनों ने जेल राज्यमंत्री को सामने देखा तो उनके कदमों में गिर गईं। पिता को बेकसूर बताते हुए रिहाई की मांग की। उनका कहना था कि पिता के साथ न होने से लोग उनको अकेला देख छेड़छाड़ करते हैं। मंत्री ने उनको सुरक्षा का आश्वासन देते हुए शोहदों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।

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मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी केंद्रीय कारागार पहुंचे। वहां कैदियों से मुलाकात करने आए लोगों की भीड़ जुटी थी। इनमें हरीपर्वत क्षेत्र की रहने वाली 14 से 18 साल की उम्र की चार बहनें भी शामिल थीं। मंत्री मुलाकातियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी करने लगे। इस पर चारों बहनें बिलखते हुए मंत्री के कदमों में गिर गईं। उनका कहना था कि पिता छह साल से मां की हत्या के आरोप में सजा काट रहे हैं। वह दादी के साथ अकेली रहती हैं।