यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत की इन रहस्यमयी जगहों के बारे में क्या जानते हैं आप?
दुनियाभर में हिमालय को लेकर बहुत सी बातें प्रचलित हैं। कहा जाता है कि यहां कि गुफाओं में यति नाम का हिम मानव रहता है।

भारत में रोमांचित करने वाली जगहों के बारे में तो आप जानते ही होंगे, लेकिन आज हम आपको यहां की कुछ रहस्यमयी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। इनाडु डंडिया के अनुसार ये जगह अपने रहस्यों के लिए ही प्रसिद्ध हैं।
हिमालय पर्वत पर रहते हैं हिम मानव
दुनियाभर में हिमालय को लेकर बहुत सी बातें प्रचलित हैं। कहा जाता है कि यहां कि गुफाओं में यति नाम का हिम मानव रहता है। पर्यटकों का कहना है कि यहां जब स्नोफॉल होता है तो उस पर लाल रंग के निशान होते हैं। यहां कि गुफाओं में कई ऋषि-मुनि आज भी तपस्या करते हैं। हालांकि इन बातों में कितनी सच्चाई है कुछ कहा नही जा सकता।
केरल के कोत्तायम और इदुकी शहर
यहां होने वाली लाल रंग की बारिश आज भी रहस्य बनी हुई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये बारिश उल्का पिंड के विस्फोटों के कारण होती है। अब तक 1986, 2001, 2006 और 2012 में इस तरह की बारिश हो चुकी है। 2006 में हुई लाल बारिश को पहली बार मीडिया अटेंशन मिला था, तब महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस पर रिसर्च किया।
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गंगा और ब्रह्मपुत्र डेल्टा
दुनियाभर के कई बंदरगाहों से अनोखी आवाजों के सुनाई देने की बातें सामने आई हैं। ऐसा ही एक मामला गंगा और ब्रह्मपुत्र के डेल्टा का है। ब्रिटिश ऑफिसर के अनुसार यह ध्वनि भूकंप के झटकों का संकेत देती हैं। बार-बार ऐसी ध्वनि आने से बड़ा भूकंप आ सकता है। पहाड़ों के फटने, ज्वालामुखी, गैस, तूफान से चलने वाली लहरों, सुनामी, उल्का के गिरने की वजह से भी ऐसी आवाजें आ सकती हैं।
कोंग्ला ला पास, लद्दाख
कोंग्ला ला पास, हिमालय में भारत-चीन के विवादित बॉर्डर अक्साई चीन में है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां अंडरग्राउंड एरिया है। यहां लोगों ने एक अजीब प्रकार की ट्राईएंगलर चीज को आते जाते देखा है। यहां आने वाले पर्यटकों ने भी इन बातों की पुष्टि की है। हालांकि, वैज्ञानिक इस बात को नहीं मानते।
रूपकुण्ड लेक, उत्तराखण्ड
अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिये प्रसिद्ध उत्तराखंड के पहाड़ों में 5,029 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रूपकुंड झील में मिले कंकालों का रहस्य अभी तक गहराया हुआ है। इस लेक 500 से 600 नरकंकाल मौजूद हैं। हालांकि नरकंकाल इस झील में कैसे आये ये अभी तक रहस्य बना हुआ है।
