स्मार्टफोन चलाने के लिए जरूरी हो जाएगा आधार कार्ड? सरकार ने दिए गूगल और एप्पल को निर्देश
भारतीय सरकार आधार कार्ड को अब बेहद गंभीरता से ले रही है|
नई दिल्ली (साक्षी पण्ड्या)| भारतीय सरकार आधार कार्ड को अब बेहद गंभीरता से ले रही है| शायद यही वजह है की सरकार एप्पल, सैमसंग, गूगल जैसी कंपनियों को उनके ऑपरेटिंग सिस्टम और स्मार्टफोन्स में आधार आधारित ऑथेंटिकेशन सिस्टम शामिल करने के लिए बात कर रही है|
हालांकि अभी सरकार को कंपनियों से मनचाहा रिस्पांस नहीं मिल पा रहा है| रिपोर्ट्स की माने तो सरकार जल्द ही सभी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों के लिए उनके स्मार्टफोन्स में आधार आधारित ऑथेंटिकेशन सिस्टम अनिवार्य कर सकती है| ठीक उसी तरह जिस तरह से 2017 से बनने वाले सभी स्मार्टफोन्स में पैनिक बटन आना अनिवार्य है|
भविष्य में क्या हो सकते है आधार-कार्ड के फायदे
सरकार आधार कार्ड ऑथेंटिकेशन को लेकर कितनी गंभीर है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की अब केंद्रीय और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी तरह की सब्सिडी और फायदों का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास आधार कार्ड होना बेहद जरुरी है|
UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे के अनुसार '' मंत्रालयों को ये बताना होगा की किन स्कीम्स के लिए आधार नंबर की आवश्यकता होगी| अगर किसी के पास आधार कार्ड नहीं होता है तो उससे एनरोल करने के लिए कहा जाएगा| और अगर किसी लोकेशन पर आधार कार्ड एनरोलमेंट की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है तो एजेंसी को यह सुनिश्चित करना होगा की लोग कहीं बीच में फंस के ना रह जाएं|
अजय भूषण पांडे ने यह भी कहा की आधार कार्ड का गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कढ़े नियम लागू किये गए हैं| अगर किसी सरकारी या प्राइवेट इकाई को आधार-कार्ड का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो यह एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा जिसमें तीन साल की जेल हो सकती है|
आधार कार्ड से जुड़े नए नियम व कानून केंद्रीय सरकार को UID का दायरा बढ़ाने में मदद करेंगे| स्मार्टफोन्स में इसे लेकर आने से भी यूजर्स और सरकार दोनों को बहुत फायदा हो सकता है|
स्मार्टफोन में आधार ऑथेंटिकेशन से क्या होगा फायदा
स्मार्टफोन में आधार आधारित ऑथेंटिकेशन होने से आप आसानी से और तुरंत पेमेंट्स कर पाएंगे|
इसके आलावा सरकारी स्कीम से सम्बंधित फायदों के बारे में हम आपको ऊपर विस्तार से बता चुके हैं|
हालांकि प्राइवेसी और डाटा प्रोटेक्शन से सम्बंधित परेशानियों का मुद्दा टेक कंपनियों के लिए प्रमुख रूप से महत्व का होगा, जिससे परिणामस्वरुप ये कंपनियां अपने कस्टमर्स के डाटा का एक्सेस इतनी आसानी से देने के लिए राजी ना हो| अब देखना यह है की सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम कहां तक सफल हो पाता है|
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