हाई कोर्ट ने कहा, पंजाब सरकार को किसानों की परवाह नहीं
हाई कोर्ट ने कहा है कि पंजाब सरकार को किसानों की परवाह नहीं है। हाई कोर्ट ने किसानों के फसल की खरीद को लेकर सरकार के रवैये पर सवाल उठाया है। ...और पढ़ें
जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने किसानों के बारे में पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ा रुख दिखाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि लगता है पंजाब सरकार को किसानों की परवाह नही हैं। हाईकोर्ट के बार-बार कहने के बाद भी पंजाब सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही। यही कारण है कि राज्य के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी आधी कीमत पर फसल बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट ने पंजाब के कृषि सचिव को आदेश दिए हैं कि वह 26 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करें। वह कोर्ट को यह बताएं कि पंजाब सरकार क्या किसानों से मक्की, बाजरा, दालों सहित अन्य फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करने को तैयार हैं या नहीं।
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हाई कोर्ट ने कहा कि अगर अगली सुनवाई पर भी इसकी जानकारी नहीं दी गई तो पंजाब के कृषि सचिव को खुद हाईकोर्ट में पेश होकर इसका जवाब देना होगा। हाईकोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार द्वारा पेश जवाब को अधूरा बताते हुए वापस भी लौटा दिया।
जस्टिस ए के मित्तल एवं जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ ने कहा कि खेती करना बेहद ही कड़ी मेहनत का काम है। किसान गर्मी, सर्दी और बरसात की परवाह किए बगैर अपना काम करते हैं। इसके बावजूद पंजाब सरकार उनके बारे में कुछ भी नहीं सोच रही हैं।
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हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को हरियाणा सरकार से ही सबक लेने की सीख देते हुए कहा कि हरियाणा ने फसलों की खरीद का पूरा शेड्यूल बना लिया और तय किया गया था सूरजमुखी की 50 प्रतिशत फसल सरकार किसानों से खरीदेगी। इस पर हरियाणा सरकार ने कहा कि हम 50 प्रतिशत से भी अधिक फसल खरीद चुके हैं और आगे और भी खरीद की जा सकती है। 50 प्रतिशत कोई पाबंदी नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो 100 प्रतिशत फसल भी खरीदी जा सकती है।
हाईकोर्ट इस मामले में पहले भी पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कह चुकी है कि अगर आपके पास कोई योजना नहीं है। आपके अधिकारी किसी काम के नहीं हैं तो क्यों नहीं हरियाणा सरकार से ही कुछ सीखकर वैसी ही नीति क्यों नहीं बना सकते।

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