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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सज्जन के खालिस्तान समर्थक होने के दस्तावेजी प्रमाण : कांग्रेस

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 18 Apr 2017 09:37 AM (IST)Updated: Tue, 18 Apr 2017 09:38 AM (IST)

कनाडा के विदेश मंत्री हरजीत सिंह सज्‍जन के पंजाब दौरे पर उठा विवाद शांत नहीं हो रहा है। कांग्रेस ने ...और पढ़ें

सज्जन के खालिस्तान समर्थक होने के दस्तावेजी प्रमाण : कांग्रेस
सज्जन के खालिस्तान समर्थक होने के दस्तावेजी प्रमाण : कांग्रेस

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस ने कनाडा के रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन के पक्ष में खड़े हो रहे लोगों की पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा है कि सज्जन के इंडो-कनेडियन खालिस्तानियों के समर्थक होने संबंधी कई पुख्ता व विस्तृत दस्तावेजी सूबूत हैं। प्रदेश कांग्रेस नेताओं व सांसदों रवनीत बिट्टू व गुरजीत औजला ने यहां जारी साझे बयान में कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की आलोचना करने वाले उन भारत विरोधी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं, जो देश का धर्मनिरपेक्ष ढांचा बर्बाद करना चाहती हैं।

दोनों सांसदों ने सभी राजनीतिक दलों व धार्मिक संगठनों से ऐसे गंभीर मुद्दों पर ओछी राजनीति से बचने की अपील की है, जिसका पंजाब व इसके लोगों के भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सज्जन के खालिस्तानी समर्थक होने की पुष्टि उनकी अपनी लिबरल पार्टी के कई नेताओं ने की थी अौर उन्हें चुनाव में लिबरल पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ रोष जताते हुए पार्टी छोड़कर कर की थी।

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बिट्टू व औजला ने कहा कि सज्जन का खालिस्तानी रुख भारत सरकार को पसंद नहीं आया था जब लिबरल उम्मीदवार ने 2011 में सरे टैंपल रिमेंबरेंस डे के अवसर पर अपने साथियों को मारे गए खालिस्तानी समर्थकों के पोस्टरों के नजदीक फोटो न खींचने देने के आदेश दिए थे। यहां तक कि इस मौके पर ओटावा को भारत से माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था।

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कांग्रेस सांसदों ने कहा कि इन सबूतों व अन्य दस्तावेजी तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए देश के कुछ राजनीतिक व धार्मिक संगठन सज्जन व उनके जैसे अन्य खालिस्तान समर्थकों को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे लंबे दौर में भारत व खासकर पंजाब के हितों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। ऐसे लोगों को मुद्दे की गंभीरता की चिंता नहीं है। ये लोग उन कठोर सच्चाइयों को नजरअंदाज कर रहे हैं जिन पर खुद कनाडा ने गंभीर नोटिस लिया था।