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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उ. कोरिया के दुस्साहस का परमाणु हमले से जवाब देगा अमेरिका

By Mohit TanwarEdited By:
Published: Wed, 19 Apr 2017 04:57 PM (IST)

पेंस का यह बयान उत्तर कोरिया की परमाणु हमले की धमकी का जवाब माना जा रहा है।

उ. कोरिया के दुस्साहस का परमाणु हमले से जवाब देगा अमेरिका
उ. कोरिया के दुस्साहस का परमाणु हमले से जवाब देगा अमेरिका

योकोसुका, एपी। इस बार विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन से अमेरिकी उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने उत्तर कोरिया को बड़ा और कड़ा संदेश दिया है। कहा है कि तलवार म्यान में नहीं रखी गई है, वह तैयार है। अगर उत्तर कोरिया ने दुस्साहस दिखाया तो उसे अमेरिका का विनाशकारी परमाणु हमला झेलना पड़ेगा।

पेंस का यह बयान उत्तर कोरिया की परमाणु हमले की धमकी का जवाब माना जा रहा है। जापान की यात्रा पर पहुंचे पेंस बुधवार को अमेरिकी नौसैनिक अड्डे के दौरे के बाद विमानवाहक पोत पर सवार होकर समुद्र के बीच थे। इससे पहले वह उत्तर कोरिया में लगने वाली दक्षिण कोरिया की सीमा पर भी गए थे।

अमेरिका की हरे रंग की मिलिटरी जैकेट पहने पेंस ने आक्रामक तेवर में कहा, अमेरिकी सेना की क्षमता और आक्रामकता पर संदेह न किया जाए। वह किसी भी परंपरागत और परमाणु हमले का जवाब विनाशकारी तरीके से देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उत्तर कोरिया को काबू में करने के लिए अमेरिका ने तमाम आर्थिक और कूटनीतिक प्रयास छेड़ रखे हैं। इसके तहत चीन भी कोशिश में लगा है, जबकि पेंस खुद दक्षिण कोरिया के बाद अब जापान की यात्रा पर हैं। इसके बावजूद उन्होंने युद्धपोत पर तैनात अधिकारियों से कहा, हमारी तैयारी ही हमारी ताकत है, इसलिए आप सभी को हर कदम के लिए तैयार रहना है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुआई में अमेरिका हमेशा और हर जगह शांति चाहता है। लेकिन हमारी तलवार भी तैयार है। जो लोग हमारी तैयारी और क्षमता को चुनौती दे रहे हैं, उनके किसी भी तरह के हमले का जवाब देने में अमेरिका पूरी तरह से सक्षम है। माइक पेंस ने साफ किया कि दक्षिण चीन सागर से होकर गुजरने की आजादी को अमेरिका कायम रखेगा, उस समुद्री क्षेत्र पर सभी का अधिकार है। अमेरिका की ओर से यह बयान कई महीनों बाद आया है। चीन इसे अपना समुद्री क्षेत्र बताया है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की हाल की अमेरिका यात्रा में दोनों देशों के संबंध सुधरे और कई विवादित मुद्दे दरकिनार कर दिये गए।

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