विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका अब पाक को देगा नौ अत्याधुनिक लड़ाकू हेलीकॉप्टर

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 05 Apr 2016 04:44 PM (IST)Updated: Tue, 05 Apr 2016 04:57 PM (IST)

अमेरिका रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने पाकिस्तान को नौ अत्याधुनिक वाइपर हमलावर हेलीकॉप्टर देने का फैसला किया है।

News Article Hero Image

वाशिंगटन। हाथी के खाने के दांत और दिखाने के दांत अलग-अलग होते हैं। ऐसा ही कुछ अमेरिका के साथ है। उसकी पाकिस्तान को लेकर सार्वजनिक राय तीखी होती है लेकिन उसकी मदद का वह कोई मौका हाथ से जाने नहीं देता। ताजा मामला नौ अत्याधुनिक वाइपर हमलावर हेलीकॉप्टर देने का है। अमेरिका रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इस सौदे को अंतिम रूप दे दिया है। सितंबर 2018 तक इन हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति हो जाएगी। भारत की कड़ी आपत्ति के बावजूद पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू विमान देने के हाल के अमेरिकी फैसले के बाद ओबामा प्रशासन का यह बड़ा कदम है।

पेंटागन के बयान में कहा गया है कि 170 मिलियन डॉलर (1128 करोड़ रुपये) का यह सौदा विदेशी सैन्य व्यापार निधि से हुआ है। अमेरिका पाकिस्तान को विमानों में ईंधन की आपूर्ति करने वाली नौ किट भी देगा। यह आपूर्ति 952 मिलियन डॉलर (6321 करोड़ रुपये) के रक्षा सौदे में शामिल है, जो अप्रैल 2015 में अमेरिकी संसद ने स्वीकृत किया था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने 15 वाइपर हमलावर हेलीकॉप्टर, 32 टी-700 जीई 401 सी इंजन और 1000 एजीएम आर हेलीफायर 2 मिसाइल देने के लिए अनुरोध किया है।

अमेरिका से और अधिक एफ-16 विमान खरीदने की कोशिश में पाक

इसके अतिरिक्त युद्ध को आसान बनाने के लिए पाकिस्तान ने उच्च तकनीकी क्षमता वाले कई और उपकरण मांगे हैं। इनमें मिसाइल वार्निग सिस्टम और 20 एमएम गन सिस्टम जैसे युद्ध में सहायक हथियार व उपकरण भी शामिल हैं। ये सभी 952 मिलियन डॉलर के रक्षा सौदे में शामिल हैं, जिन्हें देने के लिए अमेरिकी सरकार अपनी स्वीकृति दे चुकी है।

पाक को एफ-16 देने पर अमेरिकी सांसदों ने भी उठाए सवाल

पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग कर रही एजेंसी के अनुसार ये हेलीकॉप्टर और रक्षा सामग्री आतंकवाद से लड़ाई में सहयोग के लिए दी जा रही है। बेल एएच-1 जेड वाइपर हेलीकॉप्टर दो इंजन वाला हमलावर है। इसे अमेरिकी मरीन कमांडो के लिए खासतौर पर बनाया गया है। इससे पहले ओबामा प्रशासन ने कुछ सांसदों और भारत के कड़े विरोध के बावजूद आठ एफ-16 लड़ाकू विमानों के सौदे को मंजूरी दी थी।