संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान ने पाक को किया बेनकाब
संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि महमूद सैकल ने कहा कि आतंकियों का दूसरे देशों के खिलाफ इस्तेमाल कर पाक आग से खेल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र।अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर सीधा हमला करते हुए उस पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और दूसरे देशों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि महमूद सैकल ने कहा कि आतंकियों का दूसरे देशों के खिलाफ इस्तेमाल कर पाक आग से खेल रहा है। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसे परमाणु सौदों या एफ-16 लड़ाकू विमानों की नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। वे अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) पर मंगलवार को सुरक्षा परिषद की बहस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि तालिबान नेता मुल्ला मंसूर पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। यह घटना उजागर करती है कि मंसूर के पास फर्जी पाकिस्तानी पासपोर्ट था। वह पाकिस्तानी हवाई अड्डों से कई बार विमानों से आता-जाता था। सैकल ने कहा कि इसके बावजूद इन्कार करना, दोमुंही बातें करना और अफगानिस्तान पर कमजोरी के आरोप लगाने का सिलसिला जारी है। यदि हमें आतंकवाद की रोकथाम में सफल होना है तो इस पर विराम लगना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीते 15 साल में ओसामा बिन लादेन, तालिबान नेताओं मुल्ला उमर और मंसूर सहित कई शीर्ष आतंकवादी पाकिस्तान में रहे और वहीं उनकी जान गई। शीर्ष आतंकवादियों का पाकिस्तान में रहना और उनका सुरक्षित शरणस्थलियों में ही मारा जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पाक ने दूसरे देशों की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। साथ ही यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का भी खुला उल्लंघन है।
नए तालिबान नेता पर भारत ने की प्रतिबंध की मांग
भारत ने तालिबान के नए नेता हैबतुल्ला अखूनजादा के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की मांग संयुक्त राष्ट्र से की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि किसी प्रतिबंधित संगठन के नेता को अब तक आतंकी करार नहीं दिया जाना सरासर मूर्खता है। वे मंगलवार को यूनएनएएमए पर हुई चर्चा को संबोधित कर रहे थे। न्यूजीलैंड की स्थिति का समर्थन करते हुए अकबरूद्दीन ने कहा कि तालिबान के नए नेता पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। पिछले महीने अमेरिकी ड्रोन हमले में मुल्ला मंसूर की मौत के बाद 50 वर्षीय मौलवी अखूनजादा को तालिबान ने अपना नया नेता चुना था। उस समय अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया था कि अखूनजादा आतंकियों की सूची में शामिल नहीं है। इस दौरान सुरक्षा परिषद ने सोमवार को काबुल में हुए विस्फोट में दो भारतीयों सहित अन्य की मौत पर गंभीर चिंता जताई।
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