यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नवाज को चाहिए संसद का समर्थन, बुलाया संयुक्त सत्र
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश में गहराते राजनीतिक संकट का सामना करने में अपनी सरकार के लिए समर्थन ...और पढ़ें

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश में गहराते राजनीतिक संकट का सामना करने में अपनी सरकार के लिए समर्थन प्राप्त करने के लिए मंगलवार को संसद का संयुक्त सत्र बुलाया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी सूचना दी। इस बीच, पाकिस्तान के आर्मी चीफ राहिल शरीफ ने सोमवार को सभी कोर कमांडरों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सेना अपने अगले कदम का फैसला लेगी।
नवाज शरीफ ने इस्लामाबाद स्थित प्रधानमंत्री निवास में अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में रेड जोन में सुरक्षाबलों और तहरीक-ए-इंसाफ [पीटीआइ] एवं पाकिस्तान अवामी तहरीक [पीएटी] के प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष तथा उसके संभावित राजनीतिक परिणामों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में शरीफ, नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता सैय्यद खुर्शीद शाह और सीनेट में विपक्ष के नेता चौधरी ए अहसान के प्रस्ताव पर सहमत हुए। जिसके बाद मंगलवार को संसद के संयुक्त सत्र को बुलाने पर फैसला लिया गया। बैठक में कई संघीय मंत्रियों ने भी भाग लिया। इसमें रविवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद में उग्र प्रदर्शन और उनके प्रधानमंत्री निवास की ओर बढ़ने के प्रयासों की कड़ी निंदा की गई।
गौरतलब है कि रेड जोन में शनिवार देर रात शुरू हुई इन झड़पों में अब तक 8 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 450 से अधिक लोग घायल हो गए है। इसमें 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार यहां करीब 25 हजार लोगों की भीड़ मौजूद थी। बवाल उस वक्त शुरू हुआ जब पीटीआई प्रमुख इमरान खान और धर्मगुरू ताहिर उल कादरी [पीएटी] ने प्रदर्शनकारियों से प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के घर की तरफ चलने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारी नवाज के घर का घेराव करना चाहते थे। इमरान और कादरी के आह्वान के बाद लोगों की भीड़ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के घर की तरफ बढ़ी। सुरक्षा बलों ने जब इन्हें रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी भड़क गए। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर हमला बोल दिया। हाथों में लाठियां, पत्थर से लैस प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों से भिड़ गए। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इनकी मांग थी कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इस्तीफा दें।
