यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाजपा के घोषणापत्र पर टिप्पणी से अमेरिका का इन्कार
अमेरिका ने भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र में किए गए वादे को लेकर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार दिया ...और पढ़ें

वाशिंगटन। अमेरिका ने भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र में किए गए वादे को लेकर कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है। गौरतलब है कि सोमवार को भाजपा ने अपने घोषणापत्र में भारत के परमाणु सिद्धांत में संशोधन करने की बात कही है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि हम इस बारे को कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते पर हम अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करेंगे। नई दिल्ली में घोषणा पत्र जारी करते हुए भाजपा ने कहा था कि यदि वो सत्ता में आते हैं तो भारत के परमाणु सिद्धांत का अध्ययन करेंगे और आवश्यकतानुसार इसमें संशोधन भी करेंगे। जेन ने कहा कि इस संबंध में यदि कोई चर्चा की जाएगी तो वो भारत सरकार से होगी। सूत्रों के अनुसार भारत सरकार अपनी नीतियों में कोई बदलाव के मूड में नहीं है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी भाजपा ने परमाणु मुद्दे को अपने घोषणापत्र में शामिल किया है। वर्ष 1998 में भाजपा ने अपने घोषणा में देश की परमाणु नीति में फिर से मूल्यांकन और परमाणु हथियारों को शामिल करने की बात कही थी। एफडीआई और परमाणु सिद्धांतों में संशोधन की बात करने वाली भाजपा कैसे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंध स्थापित करेगी।
