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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन की सिल्क रोड परियोजना में भारत की भागीदारी अहम

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Published: Tue, 25 Apr 2017 05:17 AM (IST)

चीन महत्वाकांक्षी 'वन बेल्ट वन रोड' परियोजना पर अगले महीने वैश्विक सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है।

चीन की सिल्क रोड परियोजना में भारत की भागीदारी अहम
चीन की सिल्क रोड परियोजना में भारत की भागीदारी अहम

बीजिंग, प्रेट्र। चीन की महत्वाकांक्षी सिल्क रोड परियोजना के लिए भारत की भागीदारी काफी अहम है। नई दिल्ली के रुख का असर उन कुछ देशों के फैसले पर पड़ेगा, जो अरबों डॉलर की इस परियोजना में हिस्सा लेने के इच्छुक हैं। यह बात सोमवार को चीन के सरकारी अखबार ने कही।

ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित लेख के अनुसार, भारत की भागीदारी काफी अहम है। यह न सिर्फ भारत की आबादी, श्रम संसाधन और बाजार बल्कि दक्षिण एशिया और हिंद महासागर में उसके राजनीतिक प्रभाव के लिहाज से भी अहम है। भारत के रुख का इस क्षेत्र के देशों के फैसले पर असर पड़ेगा। चीन महत्वाकांक्षी 'वन बेल्ट वन रोड' परियोजना पर अगले महीने वैश्विक सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है।

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इसमें पाकिस्तान और श्रीलंका के प्रधानमंत्री समेत 28 देशों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। चाइना-पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरिडोर (सीपेक) प्रोजेक्ट वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) का ही हिस्सा है। गुलाम कश्मीर से गुजरने के कारण भारत शुरू से ही इसका विरोध करता रहा है। भारत ने इस सम्मेलन में हिस्सा लेने की अभी तक घोषणा नहीं की है।

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