पाकिस्तानी परमाणु हथियारों को सेना से है असली खतरा: शिवशंकर मेनन
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन का कहना है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को असली खतरा आतंकी संगठनों की बजाय उसकी सेना में मौजूद अस्थिर ...और पढ़ें

वाशिंगटन, प्रेट्र। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को असली खतरा आतंकी संगठनों की बजाय उसकी सेना में मौजूद अस्थिर तत्वों से है। यह मानना है भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिवशंकर मेनन का। उनके अनुसार भारत को पाकिस्तान या चीन जैसी बाहरी ताकतों से खतरा नहीं है। भारत के सामने मौजूद खतरे आंतरिक हैं और ये सांप्रदायिक और सामाजिक हिंसा से पैदा होते हैं।
मेनन ने बताया कि परमाणु हथियार जटिल उपकरण हैं। इनका प्रबंधन, इस्तेमाल और आवागमन मुश्किल होता है। इसके लिए उच्च स्तर के कौशल की आवश्यकता होती है। आतंकवादियों के पास तबाही मचाने के लिए अपेक्षाकृत सस्ते और आसान माध्यम हैं।
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उन्होंने अपनी किताब 'च्वाइसेस : इनसाइड द मेकिंग ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी' में कहा है, 'पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है जिसके परमाणु हथियार कार्यक्रम पर केवल सेना का नियंत्रण है। मेरे हिसाब से परमाणु हथियारों को असल खतरा अंदर के लोगों किसी पाकिस्तानी पायलट या किसी ऐसे ब्रिगेडियर से है जो आदेश दिए जाने पर या उसके बिना ही परमाणु जिहाद शुरू करने का निर्णय लेते हैं।'
जब मेनन से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान या चीन भारत के लिए अस्तित्व संबंधी कोई खतरा पेश करते हैं तो उन्होंने कहा, 'नहीं'। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में मेरा मानना है कि खतरे आंतरिक हैं। आज भारत के अस्तित्व पर कोई बाहरी खतरा नहीं है जैसा 50 के दशक में या हमारे गठन के समय था। 60 के दशक के अंतिम वर्षो तक आंतरिक अलगाववादी खतरे थे जो अब नहीं हैं।' पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मेनन जनवरी 2010 से मई 2014 तक एनएसए रहे थे।

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