यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक में सेना और आतंकी गठजोड़ से परमाणु हथियारों को खतरा
पाकिस्तान में सेना और आतंकियों का गठजोड़ शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह बात जेनेवा निशस्त्रीकरण सम्मेलन में वरिष्ठ राजनयिक सिद्धार्थ नाथ ने कही है।

संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र। परमाणु प्रसार के संबंध में पाकिस्तान को घेरते हुए भारत ने कहा है कि वह अभी जारी है और इसमें पाकिस्तान का हाथ होने के स्पष्ट सुबूत हैं। संवेदनशील सामग्री को लेकर पाकिस्तान में सेना और आतंकियों का गठजोड़ शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह बात जेनेवा निशस्त्रीकरण सम्मेलन में वरिष्ठ राजनयिक सिद्धार्थ नाथ ने कही है।
उन्होंने कहा, आतंकवाद के सक्रिय समर्थन का दायरा अब बढ़कर संवेदनशील सामग्री के उत्पादन और उसको रखने वाले स्थान तक पहुंच गया है। इस व्यवस्था में पाकिस्तान में अधिकृत और अनाधिकृत लोग शामिल हैं। नाथ कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के आरोपों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को एकजुट होकर ऐसी ताकत के खिलाफ खड़े होना चाहिए जो परमाणु हथियारों के प्रसार में लगे होने के साथ ही उन हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देते रहते हैं।
सम्मेलन में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि तहमीना जंजुआ ने कहा, उनके प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि भारत अगर परमाणु निशस्त्रीकरण को तैयार हो तो पाकिस्तान उसके साथ हथियार खत्म करने का समझौता कर सकता है। हम दक्षिण एशिया से परमाणु हथियारों का खतरा खत्म करने के लिए भारत के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। जवाब में नाथ ने कहा कि जिस देश का परमाणु अप्रसार का इतिहास दागदार है, वह हथियार छोड़ने के बारे में दुनिया को कैसे संतुष्ट कर पाएगा?
