विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका में तेजी से फैल रहा है जीका वायरस, 279 गर्भवती महिलाएं हुईं संक्रमित

By kishor joshiEdited By:
Published: Sat, 21 May 2016 08:04 AM (IST)Updated: Sat, 21 May 2016 09:35 AM (IST)

अमेरिका में 279 गर्भवती महिलाओं में जीका वायरस के लक्षण पाए गए हैं।

News Article Hero Image

वाशिंगटन (एफपी)। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा है कि वो अमेरिका और प्यूर्टो रिको में 279 उन गर्भवती महिलाओं पर नजर बनाए हुए हैं जो जीका वायरस से संक्रमित हो सकती हैं। इनमें अमेरिका की 157 तथा प्यूर्टो रिको की 122 महिलाएं शामिल हैं।

पढ़ें: जीका वायरस: ब्राजील में 91,387 मामलों की पुष्टि

अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने कहा, "जीका वायरस संक्रमण के प्रयोगशाला सबूत हैं।" 11 मई को सीडीसी ने इस बात की पुष्टि की थी कि 110 गर्भवती महिलाओं में जीका वायरस का संक्रमण पाया गया है जिसमें इस बार आश्चर्यजनक वृद्धि हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मच्छर जनित जीका वायरस एक जन्म जनित दोष है जिसमें पैदा होने वाले बच्चे असामान्य रूप से छोटे सिर और दिमाग के साथ पैदा होते हैं। ब्राजील में जीका वायरस फैलने के कारण पिछले वर्ष 1271 बच्चे असामान्य रूप से छोटे सिर और विकृत दिमाग के साथ पैदा हुए थे। सीडीसी ने वायरस के खतरे को गंभीरता से लेते हुए दो अलग-अलग रजिस्टर बनाएं है तांकि अमेरिका के सभी राज्यों और प्यूर्टो रिको में रहने वाली गर्भवती महिलाओं का अलग- अलग रिकार्ड रखा जा सके।

पढ़ें: अमेरिका में 500 मिलियन लोगों पर जीका वायरस का खतरा

क्या है जीका वायरस

एक वायरस जो एडीज, एजिप्टी और अन्य मच्छरों से फैलता है। जीका वायरस के शुरुआती मुख्य लक्षण है कि इससे सिरदर्द, बुखार. बैचेनी, लाल रंग के दाने आदि होते हैं। जीका वायरस सबसे नुकसान पैदा होने वाले बच्चों को करता है इसस उनके दिमाग को क्षति पहुंचती है।

ज़ीका वायरस गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से खतरनाक होता है। इसके काटने से माइक्रोसेफैली (Microcephaly), न्यूरोलॉजिकल (Neurological) समस्याएं हो जाती हैं, जिससे गर्भस्थ शिशु का दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है और उसका सिर छोटा रह जाता है।फिलहाल इस वायरस से बचाव कोई टीका उपलब्ध नहीं है। मच्छरों से बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है।