लाल आतंक: जवानों के शरीर पर जख्म देख पसीज गया डॉक्टरों का दिल
जब जावनों का पोस्टमार्टम हो रहा था तो उनके शरीर पर गहरे जख्म देख डॉक्टर्स का दिल भी पसीज गया।
नईदुनिया, रायपुर : बुरकापाल में प्रेशर बम फटने से जवानों की जांघ और घुटने झुलस गए थे। इसके बाद भी जवान नहीं रुके तो नक्सलियों ने घेरा बनाकर उन पर गोलियां दागीं। पोस्टमार्टम में शहीदों के शरीर पर कई तरह के घाव पाए गए, जिन्हें देख पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का भी दिल पसीज गया।
रायपुर मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में 15 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह आठ बजे तक पोस्टमार्टम किया।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि शहीदों के शरीर में गहरे जख्म थे। जांघ और घुटने में विस्फोट से जख्म हुए। तीन शवों के अंदर गोलियां फंसीं थीं, जिन्हें बाहर निकाला गया। 15 जवानों के शरीर से गोलियां आरपार हो गई थीं।
गहरे घाव देख लग रहा था कि तीर-धनुष से भी हमला हुआ होगा, लेकिन किसी के भी शरीर पर इसका निशान नहीं मिला। सोमवार शाम पांच बजे एक शव लाया गया था।
घसीटे गए शव
शहीदों के शवों को माओवादियों ने घसीटा। कई जगह खरोंच के निशान मिले हैं। संभव है कि हथियार लूटने की कोशिश में नक्सलियों ने ऐसा किया हो।
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