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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर दर्ज होगा देशद्रोह का मुकदमा

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Mon, 19 Oct 2015 09:17 PM (IST)Updated: Tue, 20 Oct 2015 07:40 AM (IST)

सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के महिलाओं से दुष्कर्म मामले में दिए बयान पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, महोबा। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के महिलाओं से दुष्कर्म मामले में दिए बयान पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले कुलपहाड़ (उत्तर प्रदेश) के सिविल जज अंकित गोयल ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) पर दिए बयान को राष्ट्रद्रोह करार दिया है। उन्होंने जेटली के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश देकर 19 नवंबर को अदालत में उन्हें हाजिर होने का समन जारी किया है।

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रविवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने लोकतंत्र की मूल भावनाओं को नजरअंदाज किया है। अदालत के पीठासीन अधिकारी अंकित गोयल ने उनके बयान की विवेचना में पाया कि इससे संविधान की विधि द्वारा स्थापित सरकार के विरोध में घृणा व अवमानना पैदा करने का भाव प्रगट होता है। विवेचना में अदालत ने लिखा है कि संविधान में न्याय पालिका, कार्य पालिका और विधायिका के कार्य एवं दायित्वों को स्पष्ट किया गया है।

कहीं गतिरोध पैदा होता है तो उसके लिए विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया ही अमल में लाई जानी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट स्वयं में विधि द्वारा स्थापित सरकार है। उसके निर्णय के प्रति इस तरह की टिप्पणी से देशद्रोह व समाज में विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा पैदा करने के साथ अदालत की अवमानना का अपराध कारित किया जाना पाया जाता है।

इसी आधार पर अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 में दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए अरुण जेटली के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के उपखंड एक व धारा 505 के तहत मुकदमा पंजीकृत करने का निर्देश दिया है।

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