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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समिति ने एफटीआइआइ निदेशक को दी क्लीन चिट

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Wed, 23 Sep 2015 06:57 AM (IST)Updated: Wed, 23 Sep 2015 07:16 AM (IST)

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन (एफटीआइआइ) पर गठित समिति ने संस्थान के निदेशक प्रशांत पथराबे को 2008 बैच के मूल्यांकन पर क्लीन चिट दे दी है।

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नई दिल्ली । सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन (एफटीआइआइ) पर गठित समिति ने संस्थान के निदेशक प्रशांत पथराबे को 2008 बैच के मूल्यांकन पर क्लीन चिट दे दी है। समिति ने कहा है कि निदेशक की कार्रवाई अकादमिक परिषद के पूर्व के फैसले के अनुसार और वैध है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारत के समाचार पत्रों के पंजियक (आरएनआइ) डीजी एसएम खान की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। यह समिति 2008 बैच के मूल्यांकन से संबंधित मुद्दों की जांच करने के लिए गठित की गई है। इस समिति का गठन पथराबे का कई घंटों तक घेराव होने के बाद किया गया था। घेराव को लेकर पथराबे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और कुछ छात्र गिरफ्तार भी हुए थे।

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तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट से मंत्रालय भावी स्थिति से भी अवगत हो गया है। मंत्रालय समझ चुका है कि 2008 बैच के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने से परिणाम घोषित हो जाएंगे और छात्रों को छात्रावास खाली करने का आदेश दिया जाएगा। इससे अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है।

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