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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा समर्थकों की दबंगई, पार्टी को वोट न देने पर काटा अधेड़ का कान

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Published: Sat, 26 Apr 2014 11:37 AM (IST)Updated: Sat, 26 Apr 2014 11:56 AM (IST)

चुनाव में सपा के समर्थन में वोट न करने वालों की अब जान मुश्किल में है। जसवंतनगर में सपा समर्थकों ...और पढ़ें

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इटावा/औरैया, जागरण संवाददाता

चुनाव में सपा के समर्थन में वोट न करने वालों की अब जान मुश्किल में है। जसवंतनगर में सपा समर्थकों ने धावा बोलकर खेत में काम कर रहे किसान को बेरहमी से पीटने के बाद कान काट लिया। दबंगों ने दहशत फैलाने के लिए कई राउंड फायरिंग भी की। वहीं, औरैया के दो गांवों की बिजली सपाइयों ने इस वजह से काट दी कि वहां के लोगों ने सपा को वोट नहीं दिया। चर्चा आम होने और विरोध शुरू होने पर बिजली विभाग ने तो सप्लाई चालू करा दी पर पुलिस निजी खुन्नस बता कार्रवाई से पल्ला झाड़ रही है।

मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के गांव तुलारामपुर के हाकिम सिंह बघेल शुक्रवार को अपने खेत पर काम कर रहे थे तभी करू यादव, अजय प्रताप सिंह, विमलेश सिंह सहित कई लोग उसके खेत पर आ धमके और मारपीट करने लगे। उनका गुस्सा इस बात को लेकर था कि उसने सपा को वोट क्यों नहीं दिया। बेरहमी से पीटने के बाद दबंग हमलावरों ने जमीन पर गिराकर धारदार हथियार से उसका कान काट लिया।

दहशत फैलाने के लिए कई राउंड फायरिंग करने के बाद दबंग असलहे लहराते हुए चले गए। बाद हाकिम लहूलुहान हालत में थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया। बकौल हाकिम सिंह हमला करने वालों ने मतदान के दिन बूथ पर भी उसे सपा के ही पक्ष में वोट करने के लिए धमकाया था। घटना की जानकारी होने पर सीओ जसवंतनगर नरेंद्र देव व इंस्पेक्टर बलवीर सिंह यादव ने गांव भी गए।

हालांकि बाद में मामला चुनाव का न हो निजी खुन्नस का बताकर मामूली मारपीट और गाली गलौज में दर्ज किया। वहीं, औरैया में कन्नौज लोकसभा की बिधूना विधानसभा क्षेत्र के गांव पसुआ में सपा के पक्ष में वोटिंग नहीं हुई इसकी जानकारी होने पर सपाइयों ने मतदान खत्म होने के तुरंत बाद सबस्टेशन पहुंच कर्मचारियों को धमकाकर गांव का फीडर बंद करा दिया। फीडर से जुड़े पसुआ सहित आठ गांवों में अंधेरा हो गया।

घंटों बाद भी बिजली न आने पर लोगों ने जानकारी की तो पता चला कि सप्लाई सपाइयों ने कटवाई है। गांव वालों ने विभाग के अधिकारियों से फरियाद की तो प्रशासन के अफसरों के कान खड़े हो गए। भनक लगने पर मीडिया वाले गांव पहुंचने लगे तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। और आनन फानन अधिकारी सब स्टेशन दौड़े और सुबह 10 बजे गांवों की बिजली बहाल की गई।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार भी किया कि कर्मचारियों को धमकाकर फीडर बंद कराया गया था। इसी तरह एरवाकटरा के बढि़न गांव की बिजली भी सपाइयों ने पार्टी को वोट न देने की खुन्नस में काट दी। उनका गुस्सा इस बात को लेकर था कि उसने सपा को वोट क्यों नहीं दिया।

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