Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मोदी कैबिनेट में फेरबदलः स्मृति की जगह जावड़ेकर को मिली HRD की कमान

    By anand rajEdited By:
    Updated: Wed, 06 Jul 2016 07:03 AM (IST)

    मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल हुआ है। शिक्षा, संचार, ग्रामीण विकास, कानून जैसे बड़े मंत्रालयों का प्रभार बदल दिया गया है।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुबह विस्तार और देर शाम में फेरबदल के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संदेश दे दिया है कि वह खुद अपने कुछ मंत्रियों के कामकाज और कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। दो साल के कार्यकाल के साथ ही वह अपने मंत्रियों और मंत्रालयों को भी झकझोर कर पूरी व्यवस्था दुरुस्त करना चाहते हैं। शिक्षा, कानून, नागर विमानन, ग्रामीण विकास, संसदीय कार्यमंत्रालय जैसे बड़े मंत्रालयों के प्रभारी मंत्रियों को हटाकर मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह नई सोच और नई कार्यशैली के साथ इन मंत्रालयों में बदलाव देखना चाहते हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ये भी पढ़ेंःकिन्हें किस आधार पर मिली मोदी कैबिनेट में जगह, जानिए- दस बड़ी बातें

    प्रधानमंत्री ने दोपहर को ही अपने कैबिनेट सहयोगियों को यह संदेश दे दिया था कि वह बड़ा बदलाव करने वाले हैं। सूत्रो के अनुसार कैबिनेट बैठक में उन्होंने कहा था- 'मैं कुछ बड़े बदलाव करने वाला हूं। आप इसे लेकर दुखी न हो और न ही निराश हो। आपको इसकी जानकारी मिल जाएगी।' उसी वक्त से सरकार के कई मंत्रालयों में खलबली मची थी। सबसे बड़ा बदलाव शिक्षा में दिखा। स्मृति इरानी वहां से हटाकर कपड़ा मंत्री बना दी गईं और शिक्षा का प्रभार प्रकाश जावड़ेकर को सौंप दिया गया।

    ध्यान रहे कि पिछले दिनों में वह विवादों में रही थीं। उनकी कार्यशैली को लेकर भी शिकायतें रही थीं। संसद में उन पर अलग अलग जवाब देने का आरोप भी लगा था। वहीं कानून मंत्रालय का प्रदर्शन पिछले दिनों में सरकार के लिए संतोषप्रद नहीं रहा था। मोदी ने फिर से यह जिम्मा तेज तर्रार मंत्री रविशंकर प्रसाद को दे दिया है। जबकि दूर संचार का प्रभार उनके पास पहले से था। लेकिन एक झटका भी दिया गया। अब उनके पास कानून के साथ साथ सूचना प्रोद्योगिकी का मंत्रालय रहेगा।

    मोदी कैबिनेट में बदलाव, इस तरह साधे गए संतुलन और समीकरण

    संचार मंत्रालय अलग से गढ़कर उसका जिम्मा उत्तर प्रदेश से आने वाले मनोज सिन्हा को दिया गया है। रेल राज्यमंत्री का पद भी उनके पास बना रहेगा। ध्यान रहे कि रविशंकर के काल में काल ड्राप को लेकर काफी चर्चा रही थी। ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह और इस्पात मंत्री नरेंद्र तोमर के मंत्रालय में अदला बदली हो गई है। मानसून सत्र से पहले संसदीय कार्यमंत्रालय मे भी बदलाव किया गया है जो इसका संकेत है कि इस बार सरकार उग्र रहने की बजाय तालमेल बिठाकर चलना चाहती है।

    वेंकैया नायडू से संसदीय कार्य लेकर अनंत कुमार को सौंपा गया है और राज्यमंत्री के रूप में उनके साथ एस एस अहलूवालिया को जोड़ा गया है। अहलूवालिया ग्रामीण विकास में भी राज्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। सिविल एविएशन के राज्यमंत्री महेश शर्मा के पर भी करते गए हैं। उनकी जगह जयंत सिन्हा को राज्यमंत्री बनाया गया है। उपर के चार पांच बड़े मंत्रालयों को छोड़कर मोदी ने अधिकतर मंत्रालयों मे या तो प्रभार बदला है या फिर छोटे बदलाव के साथ यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह बचे हुए तीन साल में सही दिशा में तेजी से काम चाहते हैं। विस्तार में शामिल हुए 19 नए मंत्रियों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार समाहित किया गया है।

    ये भी पढ़ेंः देश की सभी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

    ये भी पढ़ेंः दुनिया की सभी खबरों के लिए यहां क्लिक करें