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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिना शौचालय वाले स्कूलों को नहीं मिलेगा फिटनेस प्रमाणपत्र

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Published: Wed, 03 Sep 2014 04:31 PM (IST)

कांग्रेस के नेतृत्व वाली केरल की यूडीएफ सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले में तय किया है कि अगले शैक्षिक सत्र ...और पढ़ें

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तिरूवनंतपुरम। कांग्रेस के नेतृत्व वाली केरल की यूडीएफ सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले में तय किया है कि अगले शैक्षिक सत्र से उन स्कूलों को फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा, जिनमें शौचालय की सुविधा नहीं है।

कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि स्कूलों में शौचालय बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक फिटनेस प्रमाणपत्र स्कूलों की बिल्डिंग की सुरक्षा के आधार पर दिया जाता था। अगले सत्र से इसमें सुरक्षा के साथ शौचालय जैसी दूसरी सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी। चांडी के मुताबिक, जिन स्कूलों में शौचालय नहीं होंगे, उन्हें नए छात्रों के एडमिशन की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री चांडी ने बताया कि राज्य में 196 सरकारी स्कूलों में शौचालय नहीं हैं। ऐसे स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के फंड के तहत अगले 100 दिनों में ये सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया है। इसी तरह सरकारी सहायता प्राप्त 1011 स्कूलों में शौचालय नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे स्कूलों के प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे अपने संसाधनों से अगले शैक्षिक सत्र से पहले शौचालय तैयार कराएं।

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