विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

SBI ने माल्या के देश छोड़ने पर कसा शिकंजा, सात हजार करोड़ की देनदारी

By Lalit RaiEdited By:
Published: Thu, 03 Mar 2016 12:39 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 03 Mar 2016 08:02 AM (GMT+05:30)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बड़े डिफॉल्टर्स पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। ताजा घटनाक्रम में बैंक इस बात ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बड़े डिफॉल्टर्स पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। ताजा घटनाक्रम में बैंक इस बात की कोशिश कर रहा है कि किंगफिशर से जुडे़ विजय माल्या किसी भी सूरत में देश छोड़कर बाहर न जा सकें। विजय माल्या की स्वामित्व वाली कंपनी पर बैंकों को सात हजार करोड़ से ज्यादा बकाया है। जिसे वो चुकता करने में नाकाम रहे हैं। इसके अलावा एसबीआई की तरफ से इस बात की भी कोशिश की जा रही है कि माल्या अपनी पूरी संपत्ति की खुलासा करें।

विजय माल्या ने यूनाइटेड स्प्रिट्स के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा

एसबीआई की मुखिया अरुंधति भट्टाचार्य ने डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल से अपील की है कि वो माल्या के पासपोर्ट को जब्त करने की कार्रवाई करे ताकि वो किसी भी हालत में देश न छोड़ सकें। बताया जा रहा है कि शराब के बड़े कारोबारी विजय माल्या लंदन में बस सकते हैं।

विजय माल्या, चकाचौंध भरी जिंदगी यूं हो गई धूसर

माल्या को उधार देने वाले 15 समूहों ने एसबीआई को उनसे कर्ज चुकता करने के लिए अधिकृत किया है। इसके अलावा यूनाइटेड स्प्रीट्स में साझेदार लंदन की डिएगो प्राइवेट कंपनी से 500 करोड़ के सौदे पर भी नजर रखने का आग्रह किया गया है।

पिछले महीने एसबीआई ने मुंबई एयरपोर्ट के पास किंगफिशर बिल्डिंग की बिक्री पर रोक लगा दिया था। इसके अलावा पिछले साल नवबंर में बैंक ने ये साफ कर दिया था कि माल्या को जानबूझकर बैंकों का कर्ज चुकता नहीं कर रहे हैं। बैंक ने तात्कालिक कार्रवाई करते हुए उनके लोन लेने पर रोक लगा दी थी।

बैंकों की एनपीए में बढो़तरी चिंता का सबब बना हुआ है। बैंकों के टोटल लोन का 14 फीसदी हिस्सा उन लोगों के खाते में है जो जानबूझकर कर्ज चुकाने में हीलाहवाली करते हैं। बताया जा रहा है एसबीआई अपने इस कदम से संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वो किसी भी सूरत में डिफॉल्टर्स के साथ नरमी नहीं बरतेगा। और बड़े बकाएदारों को हर हाल में कर्ज चुकाना ही होगा।

2012 में किंगफिशर एयरलाइन कर्जों को चुकाने में नाकाम रहा था। और कर्ज देने वालों को सात हजार करोड़ की रकम को माफ करना पड़ा। हालांकि बैंकों की इस बात की जानकारी थी कि विजय माल्या के पास कर्जों को चुकाने के लिए संसाधनों की कमी नहीं है।

कंपनी से हटने के लिए विजय माल्या को मिलेंगे 515 करोड़, ब्रिटेन में बसेंगे