क्या सीएम उम्मीदवार के रूप में बेदी सही पसंद थीं?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी शिकस्त के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने मुखपत्र 'पांचजन्य' में पार्टी की खासी खबर ली है। ...और पढ़ें

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी शिकस्त के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने मुखपत्र 'पांचजन्य' में पार्टी की खासी खबर ली है। संघ ने किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है। साथ ही आश्चर्य जताते हुए पूछा कि क्या एकता और योजना के अभाव या कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान नहीं होने के कारण पार्टी की यह दुर्गति हुई।
पार्टी की आंतरिक चर्चाओं में विभिन्न भाजपा नेताओं की दलीलों का हवाला देते हुए पा†चजन्य के एक लेख में यह भी कहा गया है कि पार्टी इस हार को गंभीरता से ले और हताश होने के बजाय आत्मनिरीक्षण करे। लेख में दो टूक ढ़ंग से पूछा गया है कि क्या भाजपा के कुछ नेताओं को यह वहम हो गया था कि जनता उन्हें हमेशा स्वीकार करती है। या फिर भाजपा मोदी लहर पर कुछ ज्यादा ही निर्भर हो गई थी।
लेख में पूछा गया, 'सवाल यह है कि भाजपा क्यों हारी? क्या किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाना सही फैसला था? यदि हर्षवर्धन या दिल्ली के किसी अन्य नेता को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया जाता तो क्या परिणाम इससे कुछ अलग हो सकता था? या फिर भाजपा इसलिए हारी क्योंकि संगठन में एकता और योजना का अभाव था और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान नहीं किया गया?
लेख में कहा गया कि भाजपा नेताओं को इन सवालों के जवाब देने चाहिए। यदि सरकार या संगठन में किसी व्यक्ति को लगता है कि पार्टी एक ऐसी मशीन है जो उनकी सनक के मुताबिक काम कर सकती है, तो यह परिणाम ऐसे लोगों के भ्रम को तोड़ने वाले हैं।

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