यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एसपीजी सुरक्षा छोड़ प्रियंका बढ़ीं, हड़कंप
कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को अमेठी में भाई राहुल गांधी के प्रचार के दौरान अपना एसपीजी सुरक्षा ...और पढ़ें

अमेठी, जागरण न्यूज नेटवर्क। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को अमेठी में भाई राहुल गांधी के प्रचार के दौरान अपना एसपीजी सुरक्षा घेरा तोड़ डाला। इसके बाद वह पर्याप्त सुरक्षा के बगैर प्रचार के लिए तिलोई इलाके में चली गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के परिवार को नियमों में बदलाव करके विशेष सुरक्षा दस्ते (एसपीजी) की सुरक्षा दी गई है। यह सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री, उनके परिजनों और पूर्व प्रधानमंत्री को ही प्राप्त होती है। एसपीजी देश की सर्वोच्च सुरक्षा एजेंसी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका अपने अभियान के दौरान गौरीगंज के नजदीक गांधीनगर में अपनी गाड़ी से उतरीं और साथ चल रही एसपीजी की चार गाड़ियों की चाबियां ले लीं। इसके बाद अपनी गाड़ी के ड्राइवर को हटाकर उन्होंने स्टेयरिंग खुद संभाला और तय रास्ते को छोड़ आगे बढ़ गई। हालांकि पुलिस की गाड़ियां पीछे लग गई पर प्रियंका की कार की रफ्तार ज्यादा होने से वे भी पीछे छूट गई। बताया गया है कि सुरक्षा कारणों से एसपीजी कर्मियों की सख्ती की आमजनों की शिकायत मिलने पर प्रियंका ने यह कदम उठाया। प्रियंका के इस तरह से तिलोई के लिए रवाना होने की सूचना जैसे ही वायरलेस पर गूंजी, जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। सरकारी अमला सक्रिय हुआ और करीब घंटे भर बाद एसपीजी के जवानों ने मोहनगंज थाना क्षेत्र में उन्हें फिर से अपने घेर में लिया।
प्रियंका को कासिमपुर के नजदीक शाहमऊ में एक सभा को संबोधित करना था लेकिन उन्होंने अपना रास्ता बदल दिया। इसके बाद प्रियंका लोगों और खासकर महिलाओं से काफी नजदीक जाकर मिलीं। पुलिस अधीक्षक हीरा लाल से रिपोर्ट मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि मामला चिंता में डालने वाला है और हमने स्थिति से एसपीजी मुख्यालय को अवगत करा दिया है। हम हैरत में हैं कि एसपीजी के साथ ऐसा कैसे हुआ।
अमेठी को बाहरी लोग नहीं समझ सकते
राहुल गांधी के खिलाफ लड़ रहे लोगों के उद्देश्य गलत हैं। उन्होंने अमेठी के लिए उसी तरह ईमानदारी के साथ काम किया है जैसे हमारे पिता राजीव गांधी करते थे। जनता को राहुल और उनके विरोधियों के बीच अंतर करना होगा। उन्होंने कहा कि अमेठी के लोगों की भावनाओं और यहां की स्थितियों को बाहरी लोग नहीं समझ सकते।
विदित हो कि अमेठी लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से स्मृति ईरानी और आम आदमी पार्टी के टिकट पर कुमार विश्वास चुनाव मैदान में हैं। अमेठी में सात मई को मतदान होना है।
