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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुशखबरी! गिर में 100 शेरनियां गर्भवती, रणथंभौर में भी देखे गए बाघों के शावक

By Monika minalEdited By:
Published: Thu, 16 Jun 2016 09:44 AM (IST)Updated: Thu, 16 Jun 2016 10:26 AM (IST)

शेरों की दुनिया में इजाफा होने वाला है... जी हां, गुजरात के गिर अभ्यारण्य की 100 शेरनियां गर्भवती हैं। साथ ...और पढ़ें

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गुजरात (एएनआई)। जंगल व वन्य जीवों से प्यार करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। गुजरात के गिर अभ्यारण्य की 100 शेरनियां गर्भवती हैं।

सच्ची! इस चिड़ियाघर में जाकर आप कर सकते हैं शेर की सवारी

पिछले वर्ष जंगल विभाग द्वारा संचालित गणना के अनुसार, गिर में शेरों की संख्या में इजाफा देखा गया था। आंकड़ों के अनुसार 2010 में 411 शेर थे जो बढ़कर 523 हो गए थे।

संरक्षित क्षेत्र ‘गिर‘ जिसमें गिर नेशनल पार्क और अभ्यारण्य, पानिया अभ्यारण्य और मिटियाला अभ्यारण्य 1,412 वर्ग किमी तक फैला है। जूनागढ़ जिले में सासन स्थित गिर अभ्यारण्य एकमात्र एशियाई शेरों का निवास है और प्रत्येक वर्ष यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

गिर नेशनल पार्क में शेरों के झुंड ने एक साथ बुझाई अपनी प्यास'

रणथंभौर टाइगर रिजर्व: बाघों की बढ़ी संख्या

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में फिलहाल 43 वयस्क हैं जिनमें 25 नर और 18 मादा अपने 19 शावकों के साथ हैं यानि कुल मिलाकर 62 बाघ हैं। बुधवार सुबह जोन 5 में ढकडा के कचिडा एरिया पार्क में पर्यटकों ने दो शावकों को देखा। इससे वन्य जीव प्रेमियों के बीच खुशी की लहर है। क्योंकि लंबे समय से यह स्थान बाघों से खाली रहा है।

30 जून को यह पार्क बंद हो जाएगा। वन विभाग के अनुसार, 2-3 माह के शावकों की मां T-73 हो सकती है और ऐसी संभावना है कि वहां कुछ और शावक हों। T-73, शर्मीली और छोटी मादा बाघ है। टूरिज्म जोन में सबसे अधिक देखी जाने वाली मादा बाघ T-17 (सुंदरी) इसकी मां है।

इस एरिया में T-5 की मौत के बाद T-17 रहस्यमयी तौर पर गायब हो गयी थी और दो बाघों को यहां से सरिस्का टाइगर रिजर्व भेज दिया गया था।

संरक्षकों के अनुसार यहां बाघ के शावकों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान होना चाहिए क्योंकि कचिडा एरिया में अवैध खनन, चारा और माता मंदिर की वजह से तीर्थयात्रियों की भीड़ बनी रहती है।

हालांकि इन दिनों पर्यटक यहां अलग ही आनंद ले रहे हैं क्योंकि उन्हें गुडा एरिया में अपने तीन शावकों के साथ T-60, सवाइ मानसिंह अभ्यारण्य के जोन 7 व 8 में दो शावकों के साथ T-61 दिख रही है। इसके अलावा लाहपुर एरिया में दो शावकों के साथ T-63 को भी देखा जा सकता है।