यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विपक्षी दलों ने तेज की जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने की मांग
जम्मू कश्मीर में दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट न ...और पढ़ें

जम्मू। जम्मू कश्मीर में दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने पर विपक्षी पार्टियां विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव करवाने के मुद्दे को तूल देने लगी हैं। पैंथर्स पार्टी ने जम्मू से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन कर मामले की गूंज केंद्र सरकार तक पहुंचा दी है। अब कांग्रेस ने भी इसकी तैयारी कर ली है।
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सात जनवरी को मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद के निधन के बाद आठ जनवरी से राज्य में राज्यपाल शासन लागू है। दो महीने से अधिक समय बीत गया है, लेकिन पीडीपी व भाजपा सरकार बनाने में नाकाम हैं। सिर्फ अटकलें ही जारी हैं, स्थिति स्पष्ट नहीं है। पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह ने दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद कहा कि राज्यपाल से काफी अधिक समय लिया जा चुका है। भाजपा व पीडीपी सरकार नहीं बना पाई। इसलिए तत्काल विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव करवाए जाएं। पार्टी इस मुद्दे पर लगातार अभियान चला रही है।
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वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि दोनों पार्टियां सरकार बनाने के हथकंडे अपना रही हैं। राज्यपाल से भाजपा ने चार बार समय ले लिया है। दो महीने से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक सरकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी हाई कमान से यह मामला उठाया जा रहा है। अगर सरकार नहीं बनती है तो फिर नए सिरे से चुनाव करवाए जाएं। इसके लिए पार्टी लोगों के बीच जाएगी और अपनी बात रखेगी।
