यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कश्मीर घाटी में नहीं है आइएस
जम्मू-कश्मीर में पैर जमाने में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) बुरी तरह विफल रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पैर जमाने में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) बुरी तरह विफल रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार इराक और सीरिया में सक्रिय इस आतंकी संगठन के घाटी में सक्रिय होने का कोई सबूत नहीं मिला है। पिछले दो-तीन महीने में कुछ युवाओं द्वारा आइएस के झंडे लहराने की घटना जरूर सामने आई है, लेकिन उनके आतंकी संगठन से जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं।
गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को संसद को बताया कि घाटी में आइएस के झंडे लहराने वाले से युवाओं से पूछताछ की गई है। उनका कहना था कि उन्होंने इंटरनेट पर इस आतंकी संगठन के बारे में पढ़ा और उससे प्रभावित हो गए। सरकार स्थिति पर गहरी नजर रखे हुए है और सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को इससे जुड़े लोगों का पता लगाने का निर्देश दिया गया है।
रिजिजू ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर समेत देश के दूसरे भागों में नक्सली और आतंकी हिंसा में लगातार कमी आई है और इससे आंतरिक सुरक्षा की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। यही नहीं, पाकिस्तानी सेना की ओर लगातार गोलीबारी के बीच सीमा पार से आतंकियों के घुसपैठ में भी कमी आई है। उनके अनुसार पिछले साल की तुलना में इस साल मई, जून, जुलाई, सितंबर और अक्टूबर में घुसपैठ की घटनाएं कम देखी गई हैं।
