विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्पादकता बढ़ाने को आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग जरूरी

By kishor joshiEdited By:
Published: Tue, 22 Mar 2016 08:19 AM (IST)Updated: Tue, 22 Mar 2016 08:35 AM (IST)

आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से सरकार खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। इस तरह के कृषि उन्नति मेला देश के ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से सरकार खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। इस तरह के कृषि उन्नति मेला देश के दूसरे हिस्से में लगाने की जरूरत है। केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि किसानों की संपन्नता से ही देश को समृद्ध बनाया जा सकता है। तीन दिवसीय कृषि उन्नति मेला के समापन समारोह में सिंह ने किसानों से कहा कि उन्हें अधीर होने की जरूरत नहीं है। सरकार आपके साथ है।

पढ़ें: नौ करोड़ का भैंसा और एक करोड़ की भैंस देखकर चकित हुए PM, पढ़ें खबर

सिंह ने कहा कि खेती में उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार और कृषि वैज्ञानिक उनके साथ हर कदम पर खड़े हैं। खेती आधुनिक प्रौद्योगिकी के सहारे उत्पादकता की नई ऊंचाइयों को छुएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की कुशलता को और बढ़ाने की जरूरत है, जिसके लिए वैज्ञानिक आपके साथ हैं। उन्होंने कहा कि पूसा स्थित कैंपस में लगने वाले इस मेले का आयोजन अब हर साल किया जाएगा। साथ ही इसके लिए स्थायी बुनियादी ढांचा भी बनाया जाएगा। मेला परिसर में लगाये गये कई प्रमुख स्टॉल के बारे में सिंह ने कहा कि इसे स्थायी तौर पर यही लगे रहने दिया जाएगा।

मेला परिसर में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, पौध संरक्षण, मृदा व जल प्रबंधन, एग्री मशीनरी से जुड़ी आधुनिक प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया गया।

पढ़ें: गेंहू के पैदावार को लेकर एसोचैम के अनुमान पर भड़के कृषि मंत्री

किसानों को सम्मानित किया

इस दौरान देश भर आए खेती में उनके बेहतरीन योगदान के लिए 45 किसानों को कृषि मंत्री ने सम्मानित भी किया। इन किसानों की अपनाई प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन भी यहां किया गया था।

पुरस्कृत किये गये इन किसानों में झारखंड के सुकांत टिर्की, उत्तर प्रदेश के मसूद अहमद, मनोज त्यागी, आज्ञा राम वर्मा, ज्ञानेंद्र सिंह गंगवार, रघुपत सिंह और राजवीर सिंह थे। इनके अलावा बिहार से हस्सान सबरी, सजल झा और राजनारायण सिंह प्रमुख थे। पंजाब से राजमोहन सिंह, गुरप्रीत शेरगिल और हरियाणा से पूजा शर्मा व अशोक कुमार थे।