यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएम के स्वदेश लौटने के बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान समेत कुछ बड़े राज्यों में लोकसभा चुनाव शुरुआती चरणों में करवाए जा सकते हैं। ...और पढ़ें

नई दिल्ली [आशुतोष झा]। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान समेत कुछ बड़े राज्यों में लोकसभा चुनाव शुरुआती चरणों में करवाए जा सकते हैं। राजनीतिक दलों के आग्रह के बाद खुद चुनाव आयोग में भी अप्रैल तक अधिकतर सीटों पर मतदान करवाने पर विचार हो रहा है ताकि यहां चलने वाली गर्म लू से बचा जा सके। माना जा रहा है कि चुनावी कार्यक्रम की घोषणा प्रधानमंत्री की म्यांमार यात्रा खत्म होने के बाद संभवत: छह मार्च को होगी।
यूं तो उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में तीन से ज्यादा चरणों में मतदान की संभावना जताई जा रही है, लेकिन सूत्रों की मानें तो कोशिश होगी कि अधिकांश सीटों पर अप्रैल तक वोटिंग हो जाए। बिहार, राजस्थान और गर्म क्षेत्र में पड़ने वाले अन्य राज्यों में भी इसी तरह की संभावना है। आयोग को इसका अहसास करा दिया गया है कि मई में चलने वाली लू के कारण ही पिछली बार इन क्षेत्रों में मतदान कम हुआ था। अगर मौसम ठीक हो तो मतदान प्रतिशत बढ़ सकता है। गौरतलब है कि पिछली बार उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सभी पांच चरणों में मतदान संपन्न हुआ था। तो बिहार में भी चार चरणों में चुनाव हुआ था। संभावना है कि इस बार छह चरणों में चुनाव हो। लिहाजा कोशिश हो सकती है इसका आधा हिस्सा अप्रैल में ही खत्म हो जाए।
बताते हैं कि प्रधानमंत्री के विदेश यात्रा से लौटने के बाद चुनावी कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है। कम से कम सरकार ऐसा ही चाहती है। उस दशा में पहले चरण का मतदान 17-18 अप्रैल से शुरू हो सकता है। दो चरणों के बीच पांच दिनों का अंतर रखा जा सकता है।
