यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लिवर ट्रांसप्लांट के लिए भोपाल में बना पहला ग्रीन कॉरिडोर
एम्बुलेंस ग्रीन कॉरीडोर पर एम्बुलेंस दौड़ाने वाला ड्राइवर इस समय सुर्खियों में है। उसका नाम राहुल ठाकुर है। राहुल 10 मिनिट के भीतर एयरपोर्ट से हॉस्पिटल एम्बुलेंस चलाकर लाया है।

भोपाल, एएनआई। आपने मनोज वाजपेयी की फिल्म 'ट्रैफिक' देखी है अगर नहीं देखी होगी तो उसका अनुभव आपको इस खबर में मिल जाएगा। दरअसल इस फिल्म की तरह ही एक लिवर ट्रांसप्लांट के लिए भोपाल में लाया गया।
हादसे में जान गंवाने वाले सुनील देवकर तीन लोगों को जिंदगी का ग्रीन सिग्नल देंगे। इंदौर के एमवायएच के डॉक्टरों के ब्रेन डेड घोषित करने के बाद परिवार उनके अंगदान करने के लिए तैयार हो गया है। लीवर एयर बस के जरिए सुबह 7.14 बजे सिद्धांत अस्पताल पहुंच गया है। डॉक्टर्स ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। लगभग 10 बजे तक मरीज की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल जाएगी।
प्रदेश में लिवर ट्रांसप्लांट का यह पहला मामला है। ट्रांसप्लांट गुरुवार रात को ही होने वाला था, लेकिन गुडग़ांव स्थित अस्पताल के हार्ट लेने से इंकार करने के बाद इसे चेन्नई भेजने का फैसला लिया गया। लेकिन शुक्रवार को तय हुआ कि इंदौर के रास्ते लिवर भोपाल पहुंचेगा।
ड्राइवर जिसने दौड़ाई
एम्बुलेंस ग्रीन कॉरीडोर पर एम्बुलेंस दौड़ाने वाला ड्राइवर इस समय सुर्खियों में है। उसका नाम राहुल ठाकुर है। राहुल 10 मिनिट के भीतर एयरपोर्ट से हॉस्पिटल एम्बुलेंस चलाकर लाया है। उस समय गाड़ी की स्पीड 110 से 120 किमी प्रति घंटा थी। यह रास्ता लगभग 13 किमी का है।
