दंगे के वक्त किश्तवाड़ में मौजूद मंत्री का इस्तीफा
किश्तवाड़ में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में आरोपों के घेरे में आए जम्मू-कश्मीर के गृह राज्य मंत्री सज्जाद अहमद किचलू ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा द ...और पढ़ें

श्रीनगर, जागरण न्यूज नेटवर्क। किश्तवाड़ में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में आरोपों के घेरे में आए जम्मू-कश्मीर के गृह राज्य मंत्री सज्जाद अहमद किचलू ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। वहीं, इसके बाद सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किचलू के इस्तीफे के बाद ट्वीट करके 2002 के गुजरात दंगे को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है।
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उमर ने ट्विटर पर लिखा है, 'हमने जांच के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं इस मामले में हमारे मंत्री ने इस्तीफा भी दे दिया है। अब भाजपा बताएगी कि 2002 के गुजरात दंगों के बाद गुजरात सरकार ने क्या किया था।'
उल्लेखनीय है कि किश्तवाड़ से विधायक किचलू शुक्रवार को वहीं पर थे जब हिंसा हुई थी। उसी दौरान उनकी बंदूक की दुकान लूटकर दंगाइयों ने हथियारों का इस्तेमाल दूसरे समुदाय के लोगों के खिलाफ किया। किचलू ने कहा है कि क्षुद्र राजनीतिक लाभ के लिए उन पर आरोप लगाए गए।
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किश्तवाड़ दंगों में अपनी विवादस्पद भूमिका के बाद चारों तरफ से आलोचना झेल रहे सज्जाद अहमद किचलू पर अपने पद से इस्तीफे का भी दवाब था। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी उनके सहयोगियों द्वारा जोर दिया जा रहा था कि वह गृहराज्य मंत्री से इस्तीफा लें। लेकिन उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।
लबत्ता आज दोपहर को गृहराज्य मंत्री सज्जाद अहमद किचलू ने जम्मू में नेशनल कांफ्रेंस के मुख्यालय शेर- ए-कश्मीर भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में मेरा जमीर नहीं मानता कि मैं अपने पद पर बना रहूं। मैं हालात पर काबू पाने के लिए जो कर सकता था, मैने वह सब किया। मैंने अपनी जिम्मेदारी को निष्पक्ष तरीके से निभाने का प्रयास किया। लेकिन कुछ लोगों ने इस मामले में सियासत शुरू कर दी है और मेरी निष्पक्षता पर भी सवालिया निशान लगाया है। इसलिए मैने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। मैं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। इस मामले की जांच में सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही मैं अपने इस्तीफे को वापस लेने के बारे में या दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल होने के बारे में सोचेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वह राज्य विधानसभा से भी इस्तीफा देंगे तो उन्होंने इस सवाल का जवाब देने से इन्कार कर दिया।
'शीशे के घर में रहने वाले पत्थर नहीं फेंकते'
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा घोषित घटना की न्यायिक जांच निष्पक्ष रहे इसके लिए नेशनल कांफ्रेंस के विधायक किचलू से इस्तीफा दिलवाया गया है। इससे पहले सरकार में सहयोगी कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए किचलू के इस्तीफे की मांग की थी। उल्लेखनीय है कि शनिवार को जम्मू एयरपोर्ट से वापसी के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली ने किचलू की ओर इशारा करते हुए कहा था, यह बहुत गंभीर बात है कि राज्य सरकार का एक मंत्री जो किश्तवाड़ से संबंधित है वह घटना में शामिल था। किचलू ने कहा है कि जेटली के इस बयान पर उन्हें कड़ी आपत्ति है। क्या गोधरा घटना के बाद हुए दंगों के लिए लगे आरोप के बाद नरेंद्र मोदी ने इस्तीफा दिया? अमित शाह को लेकर क्या हुआ? जो खुद शीशे के घर में रहते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते हैं।
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