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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

करुणा ने की कट्टर प्रतिद्वंद्वी जयललिता की प्रशंसा

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Published: Wed, 19 Feb 2014 07:16 PM (IST)Updated: Wed, 19 Feb 2014 11:37 PM (IST)

द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने बुधवार को राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों को रिहा किए जाने के फैसले के ...और पढ़ें

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चेन्नई। द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने बुधवार को राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों को रिहा किए जाने के फैसले के लिए अपनी कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मुख्यमंत्री जे जयललिता की प्रशंसा की। उनके इस कदम की नेताओं ने पार्टी लाइन को दरकिनार कर तारीफ की। जबकि भाजपा के सुब्रमण्यम स्वामी ने मंत्रिमंडल के फैसले को अवैध करार दिया है।

तमिलनाडु सरकार के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने कहा कि यह शीघ्रता से लिया गया फैसला नहीं है। जब मैंने 2011 में यह विचार (रिहाई की मांग) रखा था तो उस समय उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया था। हालांकि आज मैं उनके वैसा ही रवैया अपनाने के लिए प्रशंसा करता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र राज्य सरकार के इस फैसले से सहमत होगा। साथ ही कहा कि यदि ऐसा होता है तो वह अधिक खुश हो सकेंगे। जबकि एमडीएमके प्रमुख वाइको ने कहा कि जयललिता ने बहुत प्रशंसनीय कार्य किया है। यह एक दयालुता से भरा मानवीय कदम है। भाकपा के नेता डी राजा ने कहा कि तमिलनाडु की सरकार ने शीघ्रता से और बेहद सराहनीय फैसला लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पॉन राधाकृष्णन ने कहा कि कानून के मुताबिक उठाए गए किसी भी कदम का स्वागत है। पीएमके प्रमुख एस रामदास ने इस फैसले का स्वागत करते हुए पिछले महीने 14 दोषियों के साथ फांसी की सजा से राहत पाने वालों में शामिल वीरप्पन के बड़े भाई मदैह को रिहा किए जाने की मांग की। हालांकि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीएस गंनादेसिकन ने इस कदम की कटु आलोचना की है।

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