यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राज्यसभा में भड़के जेठमलानी, बोले काले धन पर नहीं मिल रहा समर्थन
भाजपा के पूर्व नेता व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने राज्यसभा में कालेधन के मुद्दे पर मोदी ...और पढ़ें

नई दिल्ली । भाजपा के पूर्व नेता व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने राज्यसभा में कालेधन के मुद्दे पर मोदी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार क्या कर रही है। जेठमलानी ने कहा कि विदेश में जमा काला धन गरीबों का है और स्विस बैंक में ज्यादातर खाते भारतीयों के हैं। काले धन पर मुझे किसी का समर्थन नहीं मिल रहा है, यह कहते हुए मुझे शर्म आती है।
गौरतलब है कि राम जेठमलानी काले धन के मामले में याचिकाकर्ता है। उन्होंने काले धन पर बने कानून का विरोध किया। इससे पहले मंगलवार को भी जेठमलानी ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा था कि इस सरकार ने अबतक काले धन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा था कि न पिछली सरकार की मंशा थी कि काला धन वापस आए और नही इस सरकार की मंशा है कि विदेश में जमा काला धन वापस आए।
क्या है काले धन पर बना कानून
इससे पहले सोमवार को लोकसभा में सरकार ने काले धन पर बने कानून को पास कर दिया। इस कानून के तहत जो देश की एजेंसियों से छिपा कर पैसा बाहर रखते हैं उन्हें काले धन को स्वदेश लाने का सरकार एक मौका देगी। एक निश्चित समय-सीमा के लिए यह स्कीम लाई जाएगी और इसके तहत विदेशों में जमा अघोषित काले धन को स्वदेश लाने पर 30 फीसद का टैक्स और 30 फीसद का अर्थदंड देना होगा। इसके बाद वह भारत में होने वाली कार्रवाई से बच जाएगा। लेकिन इस अवधि के समाप्त होने के बाद अगर किसी भी व्यक्ति के विदेशों में काला धन रखने की बात सामने आती है तो उसे 30 फीसद टैक्स के अलावा 90 फीसद का जुर्माना देना होगा।
