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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अन्नाद्रमुक, द्रमुक व टीआरएस ने दिखाई एनडीए से दूरी

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Published: Fri, 16 May 2014 05:20 AM (IST)Updated: Fri, 16 May 2014 07:27 AM (IST)

नरेंद्र मोदी को जयललिता का नजदीकी दोस्त बताने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद मलईसामी को अन्नाद्रमुक से निष्कासित कर तमिलनाडु की ...और पढ़ें

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चेन्नई। नरेंद्र मोदी को जयललिता का नजदीकी दोस्त बताने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद मलईसामी को अन्नाद्रमुक से निष्कासित कर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री ने एनडीए से दूरी दिखा दी है। टीआरएस और द्रमुक ने भी एनडीए को लेकर कुछ ऐसा ही रुख दिखाया है।

एक दिन पहले मलईसामी ने कहा था कि मुख्यमंत्री जयललिता नरेंद्र मोदी की काफी करीबी हैं। अगर केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनती है तो पार्टी उनका समर्थन करेगी। जया ने बृहस्पतिवार को कहा कि मलईसामी ने पार्टी की नीतियों के विपरीत बयान देकर पार्टी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाया है। मलईसामी को सीएम जे.जयललिता का करीबी और विश्वासपात्र समझा जाता है। जया की विरोधी और करुणानिधि की कमान वाली पार्टी द्रमुक ने भी साफ कर दिया कि एनडीए के साथ जाने का उसका कोई इरादा नहीं है। वहीं हैदराबाद में टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव की बेटी और पार्टी नेता कविता ने कहा कि पार्टी की पहली पंसद कांग्रेस है न कि एनडीए। उन्होंने साफ कहा कि टीआरएस एनडीए का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि केंद्र में यूपीए सरकार की संभावना बनती है तो हम उसमें लौटेंगे अन्यथा तीसरे मोर्चे के विकल्प के तौर पर उभरने पर उसमें शामिल होंगे।

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