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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेटली बोले-'अच्‍छे दिन' नारा नहीं है, बल्कि एक सतत् प्रक्रिया है

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Sun, 24 May 2015 02:02 PM (IST)Updated: Sun, 24 May 2015 02:22 PM (IST)

मोदी सरकार की पहली सालगिरह पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि 'अच्छे दिन आने वाले हैं' ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। मोदी सरकार की पहली सालगिरह पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि 'अच्छे दिन आने वाले हैं' सिर्फ नारा नहीं है, बल्कि एक सतत् प्रक्रिया है और सरकार इसके लिए काम करती रहेगी।

जेटली ने एक चैनल से साक्षात्कार में सरकार की उपलब्धियों का गुणगान करते हुए कहा कि सरकार तंत्र को पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। एक साल में न तो किसी जांच एजेंसी के दुरुपयोग की बात सामने आई, न फैसले लेने में देरी की गई।'

जेटली ने कहा कि भारत में 89 फीसद लोगों के पास पेंशन की सुविधा नहीं है। हमारी नीति 'टैक्स कम दें, बचत ज्यादा करें' की है। उन्होंने कहा कि हम देश के ज्यादातर लोगों को बीमा, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा के तहत लाने के पक्ष में है और सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और नजीब जंग के बीच की खींचतान पर जेटली ने कहा कि सुशासन दिल्ली सरकार का एजेंडा होना चाहिए। दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। लेकिन दिल्ली सरकार के पास कई अधिकार हैं। जेटली ने कहा कि विपक्ष के होने से सरकार का रोल बढ़ जाता है।

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय को भी संभालने वाले अरुण जेटली ने कहा कि कानून के अनुसार कमर्शियल स्पीच भी फ्री स्पीच है। इसलिए पेड न्यूज पर कार्रवाई संभव नहीं है। ऐसे मौकों पर कमजोर कानून की वजह से कार्रवाई करने में दिक्कत होती है।

जेटली ने कहा कि जी-20 के तहत कालेधन पर पहल आगे बढ़ी। 2006 के खाते 2011 में बताए गए। कालेधन पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं होना चाहिए। लगभग 90 फीसद के खिलाफ प्रक्रिया पूरी की। कालाधन रोकने पर हमारी सरकार ने पहल की है, विदेशों से इस बाबत लगातार बातचीत जारी है।

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